तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और अमर्यादित भाषण देने के मामले में पूर्व DMK मंत्री और मौजूदा विधायक अनिता आर. राधाकृष्णन को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तुरंत बाद हुई। पुलिस ने राधाकृष्णन को उस समय हिरासत में लिया जब वे अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने गए थे। गिरफ्तारी के दौरान वहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक इकट्ठा हो गए और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
समझिए क्या है पूरा मामला?
बता दें कि तिरुचेंदूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले डीएमके विधायक अनीता राधाकृष्णन ने बीते 20 जून को एक जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके बाद सत्तारूढ़ दल टीवीके ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
राधाकृष्णन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और धारा 353 (2) (सार्वजनिक रूप से शरारत पैदा करने वाले बयान देना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हाई कोर्ट ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि अनिता राधाकृष्णन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। लेकिन जस्टिस जी. के. इलंदिरैयान ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने मौखिक रूप से सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विधायक होने के नाते राधाकृष्णन को सार्वजनिक मंच से इस तरह के अमर्यादित बयान बिल्कुल नहीं देने चाहिए थे।