ग्राम अमरावती में मिला ताड़पत्र पांडुलिपियां
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना “ज्ञान भारतम” अंतर्गत जिले में पारंपरिक भारतीय ज्ञान के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण हेतु सर्वेक्षण कार्य निरंतर जारी है।
भारत सरकार द्वारा संचालित इस परियोजना का उद्देश्य भारतीय मौलिक एवं परंपरागत ज्ञान को संरक्षित कर उसे वैश्विक स्तर पर शोध एवं ज्ञानार्जन हेतु उपलब्ध कराना है। इसके लिए देशभर में ताड़पत्र एवं प्राचीन पांडुलिपियों के चिन्हांकन एवं सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है।
कोण्डागांव जिले में इस अभियान का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती रश्मि पोया के निर्देशन में किया गया। प्रारंभिक चरण में विकासखंड कोण्डागांव अंतर्गत ग्राम बड़ेकनेरा के मारीगुड़ा लिमऊगुड़ा पारा निवासी श्री रामूराम यादव के संरक्षण में उपलब्ध 08 ताड़पत्र पांडुलिपियों का चिन्हांकन किया गया।
इसी क्रम में विकासखंड माकड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरावती के चौंकपारा एवं पटेलपारा में संरक्षक श्री हिरामन मौर्य एवं श्री निरंजन मानिकपुरी के संरक्षण में उपलब्ध ताड़पत्र पांडुलिपियों का भी ज्ञान भारतम मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण कार्य में हितेंद्र कुमार श्रीवास, प्रधान अध्यापक शासकीय प्राथमिक शाला खुटपारा सोनाबाल, अंकित गुप्ता, व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़े बेंदरी तथा गौरव उपाध्याय, प्रधान अध्यापक सेजेस माकड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ज्ञातव्य है कि भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण की दिशा में यह भारत सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसमें आमजन भी सक्रिय सहभागिता निभा सकते हैं। नागरिक अपने मोबाइल में “ज्ञान भारतम” एप डाउनलोड कर महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के दीर्घकालीन संरक्षण एवं डिजिटलीकरण में योगदान दे सकते हैं। यह प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुगम है। एप में उपलब्ध कैमरा सुविधा के माध्यम से पांडुलिपि के प्रथम, मध्य एवं अंतिम पृष्ठ के छायाचित्र लेकर अथवा जियोटैग्ड छायाचित्रों को गैलरी से अपलोड कर सर्वेक्षण प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है।