सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ की अर्जी को तीन जजों की बेंच के पास भेज दिया। याचिका में उन्होंने जमानत की शर्त के रूप में अदालत में जमा अपने पासपोर्ट को जारी करने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखने का निर्देश देते हुए कहा कि जमानत तीन न्यायाधीशों की पीठ ने दी थी।
2023 में मिली थी नियमित जमानत
सीतलवाड़ की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि जमानत के लिए लगाई गई शर्तों में से एक यह थी कि सीतलवाड़ का पासपोर्ट सत्र अदालत की हिरासत में रहेगा।
19 जुलाई 2023 को सीतलवाड़ को राहत देते हुए शीर्ष अदालत ने गोधरा के बाद के दंगों के मामलों में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए दस्तावेजों के कथित निर्माण से जुड़े मामले में उन्हें नियमित जमानत दे दी थी।
गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को बताया था विरोधाभासी
साथ ही उन्हें राहत देने से इन्कार करने वाले गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को ”विकृत” और ”विरोधाभासी” करार दिया था। शीर्ष कोर्ट ने निर्देश दिया था कि सीतलवाड़ का पासपोर्ट सत्र अदालत की हिरासत में रहेगा।