नोएडा में बवाल के बाद सख्त कार्रवाई, 300 गिरफ्तारियां और 7 एफआईआर दर्ज; व्हाट्सएप ग्रुप की जांच शुरू…

वेतन वृद्धि की मांग के साथ सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने सोमवार को जगह-जगह जमकर उपद्रव किया। इसे लेकर पुलिस ने 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही वॉट्सएप ग्रुप्स की जांच की जा रही है।

कब से लामबंद हुए श्रमिक?

बीते शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र में मिंडा फैक्ट्री के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान गोली लगने से कामगार महिला के घायल होने के बाद से ही श्रमिक लामबंद हो रहे थे।

सोमवार सुबह डंडे और पत्थर लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने जिले के तीन औद्योगिक क्षेत्रों में भारी उत्पात मचाया। 500 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर पथराव व तोड़फोड़ की और पुलिस वाहन सहित 20 से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

एनएच-9 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई मार्गों पर यातायात बाधित किया। औद्योगिक इकाइयों और सार्वजनिक संपत्ति में हुई तोड़फोड़ से 3000 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। प्रदर्शन के बाद नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों की मजदूरी 21 प्रतिशत बढ़ाने का एलान किया गया है।

नौ घंटे ‘बंधक’ रहा नोएडा

गाजियाबाद व दिल्ली आने-जाने वालों को भी जाम से जूझना पड़ा। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक यह घटनाक्रम चलता रहा। यानी करीब नौ घंटे तक पूरा नोएडा ‘बंधक’ बना रहा। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई, जो ऑफिस जाते-आते हैं।

10 पुलिसकर्मियों समेत 30 लोग घायल

उपद्रव के दौरान 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 लोग घायल हो गए। औद्योगिक इकाइयों और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ से करीब 3000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।

पुलिस ने 300 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। वीडियो और फोटो से अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है।

डीएम ने श्रमिकों से की शांति की अपील

डीएम मेधा रूपम और पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति की अपील की है। इस बीच नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने नोएडा-ग्रेनो की औद्योगिक इकाइयों को मंगलवार को बंद रखने का निर्णय लिया है।

इन जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी

श्रमिकों ने फेज-2 थाना क्षेत्र में मदरसन ग्रुप की एक इकाई, इक्का इलेक्ट्रानिक्स और डिक्सन एक्सपोर्ट की बिल्डिंग में घुसकर तोड़फोड़ की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, तभी श्रमिकों ने पुलिस की गाड़ी को डंडे-पत्थर से तोड़कर पलट दिया और पुलिस के तीन अन्य वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।

फेज-3 औद्योगिक क्षेत्र में उग्र श्रमिकों ने सेक्टर-63 स्थित मारुति के विपुल मोटर्स सर्विस सेंटर, एफ-429 में चल रही औद्योगिक इकाई, नेक्सा सर्विस सेंटर व सेक्टर-57 में एयरटेल की बिल्डिंग में जमकर तोड़फोड़ की।

विपुल मोटर्स के सर्विस सेंटर में घुसकर श्रमिकों ने 35 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर छह वाहनों में आग लगा दी।

20 से ज्यादा वाहन जलाए और 500 से ज्यादा क्षतिग्रस्त किए 

सेक्टर-63 में कई औद्योगिक इकाइयों पर पथराव किया गया। ए ब्लाक में लावा मोबाइल फोन की इकाई के साथ वाली फैक्ट्री पर जमकर पथराव किया। सेक्टर-63 में ही एक केमिकल फैक्ट्री में घुसकर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन वहां तैनात पुलिस बल और अग्निशमन कर्मियों ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया।

फेज-1 औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-1 में श्रमिकों ने सेक्टर-6 में एक कार और सेक्टर-एक में पुलिस की लैपर्ड बाइक में आग लगा दी। देर शाम तक 500 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों और सेक्टर-63 थाने में तोड़फोड़ व पथराव करने के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने 20 से ज्यादा वाहन जला दिए गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए।

उपद्रवियों ने मीडियाकर्मियों के साथ भी बदसलूकी और झड़प की। फिलहाल, नोएडा में पीएसी और सुरक्षाबलों की टुकड़ियों के अलावा गाजियाबाद कमिश्नरेट से भी पुलिस बल बुलाकर तैनात किया गया है।

चेतावनी के बाद भी स्थिति भांपने में प्रशासन नाकाम

नोएडा की औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। श्रमिकों ने शनिवार को ही चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर सोमवार को बड़ा आंदोलन किया जाएगा, लेकिन पुलिस-प्रशासन स्थिति को भांपने में पूरी तरह विफल रहा। उद्यमियों का आरोप है कि श्रमिकों की मांग मान ली गई थी, लेकिन समय रहते उन्हें सूचना नहीं दी गई। इसलिए श्रमिक उग्र हो गए।

पलवल, फरीदाबाद और भिवाड़ी में भी प्रदर्शन

पलवल के औद्योगिक क्षेत्र पृथला में साईं ऑटो कंपनी की महिला कर्मियों ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर ढाई घंटे जाम लगाया और बढ़ा वेतन मिलने के आश्वासन पर जाम खोला। फरीदाबाद सेक्टर-37 में बिजली के तार बनाने वाली फैक्ट्री मदर्सन ग्रुप के कर्मियों ने दो घंटे प्रदर्शन किया। भिवाड़ी में पथरेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में ठेका श्रमिकों ने प्रदर्शन किया।

क्या हैं श्रमिकों की प्रमुख मांगें

  • अकुशल को 12 हजार और कुशल श्रमिकों को 20 हजार वेतन मिले
  • ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
  • हर महीने की 10 तारीख को वेतन भुगतान
  • सप्ताह में एक दिन अवकाश मिले
  • नवंबर तक बोनस का भुगतान
  • सुरक्षित कार्य क्षेत्र और व्यवस्था

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