सफलता की कहानी: मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल से छात्र कोमल के सपनों को मिलेगी नई रफ्तार…

दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने का संकल्प हो और प्रशासन का संवेदनशील सहयोग मिल जाए तो कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है सूरजपुर जिले के ग्राम रनियाडीह निवासी दिव्यांग छात्र कोमल राजवाड़े, पिता श्री श्यामलाल राजवाड़े की, जिन्हें जिला प्रशासन की त्वरित पहल से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई है।

कोमल दोनों हाथ एवं दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। शारीरिक स्थिति के कारण उन्हें प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पूर्व में उन्हें उपलब्ध मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का संचालन भी उनके लिए आसान नहीं था। लंबे समय तक चलाने से हाथों में दर्द होने लगता था और समय पर घर से निकलने के बावजूद वे अक्सर विद्यालय देर से पहुंचते थे। इससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।

अपनी समस्या को लेकर कोमल ने कलेक्टर जनदर्शन में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को आवश्यक पहल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुरूप समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री आलोक भवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्र कोमल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई।

कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने अपने हाथों से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान करते हुए कोमल को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा अपनी दिव्यांगता को सफलता की राह में बाधा नहीं बनने देने के लिए प्रेरित किया।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने पर कोमल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब विद्यालय तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान होगा और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ढंग से ध्यान दे सकेंगे। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *