गाजीपुर में आंधी और वज्रपात का कहर, दंपती समेत तीन की मौत, कई जगह नुकसान…

सोमवार की शाम तेज आधी व बारिश के साथ वज्रपात से भांवरकोल के ज्ञानपुर निवासी दंपती की मौत हो गई, जबकि भाई-भाभी भी झुलस गए। वहीं गहमर में तेज आंधी से दीवार गिरने से किसान की मौत हो गई। उधर, धर्मागतपुर रामनारा में सोमवार को आए चक्रवर्ती तूफान से जोगिंदर चौहान के गैराज पर नीम का पेड़ गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

सोमवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ उठी धूल भरी आंधी से कुछ देर के लिए अंधेरा छा गया। आंधी के दौरान हालात ऐसे हो गए कि धूल के गुबार से अंधेरा सा छा गया।

सड़कों पर वाहन चालकों को रफ्तार धीमी करनी पड़ी, वहीं दो पहिया वाहन चालकों ने अपने वाहन किनारे खड़े कर सुरक्षित स्थानों की तलाश की। पैदल राहगीर भी बचाव के लिए दुकानों व छायादार जगहों में शरण लेते दिखे।

आंधी के बाद गरज चमक के साथ तेज बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी से कुछ निजात मिली, वहीं कई लोगों का काफी नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा प्रभावित मांगलिक कार्यक्रम वाले लोग हैं।

तेज आंधी से गिरी दीवार में दबकर किसान की मौत

गहमर: सोमवार की शाम लगभग चार बजे गहमर क्षेत्र में अचानक तेज आंधी एवं बरसात में स्थानीय गांव के उत्तर टोला निवासी हरिश्चन्द्र कुशवाहा (55) की दीवार गिरने से दबकर मौत हो गई। आंधी के समय हरिश्चन्द्र कुशवाहा टीन शेड के बने दरवाजे पर कमरे में कुछ काम कर रहे थे कि तेज हवा के दबाव के चलते कमरे की दीवाल गिर गई जिससे उनके सिर में काफी चोट आ गयी। परिजन आनन फानन में निजी चिकित्सालय ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया।

भांवरकोल: ज्ञानपुर निवासी सुक्कर राजभर व उनकी पत्नी शिवकुमारी देवी खराब मौसम होते देख अपने खेत में रखे भूसे को तिरपाल से ढकने लगे। इस दौरान आंधी और बारिश आने से वह दोनों निजी नलकूप पर बनी झोपड़ी में चले गए। इस झोपड़ी में बिगड़ते मौसम को देख पहले से ही प्याज के खेत में कार्य कर रहे उनके बड़े भाई ईश्वर राजभर और ईश्वर राजभर की पत्नी गीता देवी बैठी हुई थीं।

इस दौरान तेज तड़तडा़हट और चमक के साथ के साथ वज्रपात झोपड़ी पर गिरा, जिससे सुक्कर राजभर और उनकी पत्नी शिवकुमारी देवी गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं झोपड़ी में बैठे सुकर राजभर के बड़े भाई ईश्वर राजभर और उनकी पत्नी गीता देवी भी मामूली रूप से चोटिल हो गई, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही कुछ दवा दिलवाई गई। अब ईश्वर राजभर और उसकी पत्नी पूरी तरह ठीक है।

सुक्कर राजभर व उनकी पत्नी शिवकुमारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मेडिकल कालेज के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

दंपती को 15 साल का बेटा रवि किशन व 12 साल की बेटी लक्ष्मी है। सुक्कर व ईश्वर राजभर दोनों भाई हैं। दोनों खेत पर गए थे। इस दौरान हादसा हो गया।

चक्रवाती तूफान में गेराज में खड़े वाहन पर गिरा नीम का पेड़ दो वाहन क्षतिग्रस्त

दुल्लहपुर: चक्रवाती तूफान से धर्मागतपुर (रामनारा) चट्टी पर जोगेंद्र चौहान के गैराज में खड़े वाहन पर नीम की टहनी गिरने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। गैराज संचालक योगेंद्र चौहान ने बताया कि वाहन बनने के लिए खुले में ही एक कार तथा एक मालवाहक वाहन खड़ा था, लेकिन अचानक आए चक्रवाती तूफान से बगल में स्थित विशाल नीम के पेड़ की मोटी टहनी टूट कर अचानक वाहन पर गिर गया। जिससे कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया वहीं मालवाहक वाहन भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

भांवरकोल: फिरोजपुर-बारा(कारोवीर) के मध्य गंगा में बनी पीपा पुल से छठे दिन सोमवार को हो रहे मरम्मत कार्य तेज आंधी के साथ बारिश आ जाने से सोमवार तक के लिए बंद कर देना पड़ा क्योंकि शाम 5:00 बजे तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। इस कारण सोमवार को आवागमन शुरू होने की संभावना पूरी तरह विराम लग गया।

अब यदि मौसम ठीक रहा और सुचारू रूप से मरम्मत का कार्य होता रहा तो बुधवार को पीपा पुल से आवागमन शुरू हो सकता है। विभागीय अवर अभियंता रवि प्रकाश यादव ने कहा कि आंधी के साथ बारिश से मरम्मत कार्य को रोक देना पड़ा।

पीपा पुल के मरम्मत का कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर है रेलिंग आदि को सही करके आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि गो 29 अप्रैल को आई तेज आंधी के दौरान पीपा पुल के 99 में 88 पीपा टूटकर किनारे जा लगे थे और तब से पीपा पुल के रास्ते होने वाला आवागमन बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

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