होमगार्ड भर्ती में इस बार अनाथ बच्चों को भी पांच प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए आवेदन फार्म के साथ तहसील से बना अनाथ प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति लगानी होगी। दरअसल, होमगार्ड भर्ती में पहले भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी व राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को आरक्षण दिया जाता था।
कुमाऊं के चार जिलों में 262 होमगार्ड की भर्ती निकली हैं। इसके लिए 22 मई तक 18 वर्ष से ऊपर व 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों से आवेदन मांगे हैं। इसमें सबसे अधिक नैनीताल जिले में 155 पदों पर होमगार्ड स्वयंसेवकों से आवेदन मांगे गए हैं। जबकि ऊधमसिंह नगर में 76, चंपावत में 14 व बागेश्वर में 17 पदों में भर्ती होनी है।
10वीं पास अभ्यर्थी कर सकते हैं प्रतिभाग
हालांकि अभी इन चार जिलों में होमगार्ड की शारीरिक दक्षता परीक्षा कहां होगी, इसके बारे में अभी निर्णय नहीं लिया गया है। भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों को खेल के तीन इवेंट लंबी कूद, दो किलोमीटर दौड़ व क्रिकेट बाल थ्रो में प्रतिभाग करना होगा। भर्ती में राज्य के 10वीं पास अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं।
कुमाऊं कमांडेंट होमगार्ड ललित जोशी ने बताया कि सरकार की ओर से इस बार से होमगार्ड जवानों को 348 रुपये महंगाई भत्ता, 200 रुपये धुलाई भत्ता के साथ ही प्रतिदिन 600 रुपये ड्यूटी के दिए जा रहे हैं। भर्ती में पहले तीन क्षैतिज आरक्षण दिए जाते थे। इस बार से अनाथ बच्चे के लिए भी आरक्षण दिया गया है।
21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का बनता है अनाथ प्रमाण पत्र
जिला प्रोबेशन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल जिले में अब तक 80 लोगों ने अनाथ प्रमाण पत्र बनवाया है। यह प्रमाण पत्र 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता की मृत्यु होने पर बनाया जाता है। यह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र, माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बनता है। इसके लिए जिला प्रोबेशन कार्यालय में आवेदन करना पड़ता है।
राज्य आंदोलनकारी के आश्रितों को 10 प्रतिशत आरक्षण
होमगार्ड भर्ती में भूतपूर्व सैनिक व अनाथ बच्चों को पांच प्रतिशत, स्वतंत्रता संग्राम सैनानी के आश्रितों को दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। जबकि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी के आश्रितों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।