यूपी के कानपुर देहात में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा 667 फर्जी काल पर खूब दौड़ी। जांच में एंबुलेंस बुलाने के लिए जिन नंबरों से काल आई, उनमें कुछ बंद मिले तो कई दूसरे जिले के हैं।
इससे डीजल चोरी किए जाने की आशंका है। इसके बाद जिले भर में फर्जी काल की जांच शुरू कराई गई है। गड़बड़ी मिलने पर भुगतान रोकने के साथ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों व गर्भवतियों को अस्पताल ले जाने व वापस लाने के लिए सरकार की तरफ से 102 व 108 एंबुलेंस सेवा है। जिले में ईएमआरआई कंपनी यह एंबुलेंस सेवा संचालित करती है, इसमें मरीजों के फेरे के हिसाब से सरकार की ओर से भुगतान की व्यवस्था है।
बाकायदा रजिस्टर में एंबुलेंस सेवा बुलाने वाले का नंबर दर्ज किया जाता है, लेकिन सेवा प्रदाता कंपनी के लोग इसमें खेल कर भुगतान ले रहे हैं।
फर्जी नंबरों से काल दिखाकर फर्जी एंबुलेंस के फेरे लगाकर चूना लगाया जा रहा है। दिसंबर, 2025 से फरवरी 2026 तक अकेले राजपुर क्षेत्र में ही 667 काल गलत पाई गई हैं।
दिसंबर में एक एंबुलेंस के 81 तो दूसरी के 170, तीसरी को बुलाने के 64 नंबर फर्जी पाए गए, इसी तरह से जनवरी में एक एंबुलेंस के 82, दूसरी के 59 तो तीसरी के 32 नंबर फर्जी मिले। फरवरी में एक एंबुलेंस के 74, दूसरी के 54 तो तीसरी के 51 काल असत्य पाए गए हैं। इससे साफ है कि जमकर धांधली की जा रही है।
सीएमओ डा. एके सिंह ने बताया कि जांच चल रही है, उच्चाधिकारियों को इसे भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कंपनी के जिला प्रतिनिधि अभिषेक तिवारी का कहना है कि जीपीएस सिस्टम से निगरानी की जाती है। फर्जी काल के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। स्पष्टीकरण लिया जाए तो हम एक-एक तथ्य सही से रखेंगे। कहीं कोई गड़बड़ नहीं हुई है।