खरीफ सम्मेलन से गैरहाजिर मंत्रियों और अधिकारियों पर शिवराज सख्त, जताई नाराजगी…

खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया।

सम्मेलन में कुछ राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे, जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहता है तो उसे पद पर बने रहने का अधिकार भी नहीं है। उनका यह बयान किसानों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

दो दिवसीय सम्मेलन में खरीफ फसलों की तैयारी, बीज और खाद की उपलब्धता, मानसून की स्थिति, सिंचाई व्यवस्था और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के लिए राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया है।

मंत्रियों से विमर्श शुक्रवार को होना है, लेकिन कई राज्यों के कृषि मंत्रियों के आने की सूचना अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। शिवराज ने इसे अत्यंत लापरवाही माना और सख्त चेतावनी दी। सम्मेलन में शिवराज अलग कार्यशैली में नजर आए।

वह सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहे। पीछे बैठकर विशेषज्ञों की बात ध्यान से सुनते रहे और जरूरी नोट्स भी लेते दिखाई दिए। बैठक में राज्यों को निर्देश दिया गया कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले बीज, खाद, सिंचाई और किसानों को जरूरी सहायता की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं।

केंद्र ने साफ किया कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। शिवराज के सख्त तेवर को बड़ा संदेश माना जा रहा है। यानी अब कृषि से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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