Seemanchal में सुरक्षा एजेंसियों का सीक्रेट ऑपरेशन, विदेश जाने वालों पर कड़ी नजर; Amit Shah के आदेश के बाद बॉर्डर सुरक्षा और सख्त…

नेपाल और पश्चिम बंगाल सीमा से सटे सीमांचल के किशनगंज, अररिया जिले इन दिनों केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों की विशेष निगरानी में हैं।

सीमा पार गतिविधियों, विदेश से आने वाले फंड, संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजेक्शन और विदेश यात्रा करने वाले लोगों का डाटा एकत्र किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार,  हाल के कुछ वर्षों में खाड़ी देशों और अन्य देशों की यात्रा करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है।

इसमें टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट वीजा, नौकरी, धार्मिक यात्रा और बिजनेस वीजा पर विदेश जाने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि विदेश यात्रा का खर्च किस स्रोत से उठाया गया और विदेश में उनका संपर्क किन लोगों या संस्थाओं से था।

कई स्तर पर चल रही जांच

खुफिया विभाग स्थानीय प्रशासन, पुलिस, स्पेशल ब्रांच और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि कुछ मामलों में बैंक खातों, विदेशी ट्रांजेक्शन, पासपोर्ट आवेदन और मोबाइल काल डिटेल का भी मिलान किया जा रहा है।

इसके अलावा विदेश से फंड प्राप्त करने वाली कुछ गैर सरकारी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की गतिविधियों की भी समीक्षा चल रही है।

नेपाल और बंगाल सीमा पर बढ़ी चौकसी

सीमांचल का इलाका नेपाल और बंगाल सीमा से जुड़ा होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा संवेदनशील माना जाता रहा है। किशनगंज होकर गुजरने वाला चिकन नेक कारिडोर पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को लेकर सतर्क हैं।

सूत्रों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में किरायेदारों का सत्यापन, होटल और लाज में ठहरने वालों का रिकार्ड, साइबर कैफे और ट्रैवल एजेंसियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

अमित शाह की बैठक बाद बढ़ा एक्शन

कई स्थानों पर स्थानीय पुलिस को भी इनपुट साझा किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि फरवरी माह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद निगरानी व्यवस्था और तेज हुई है।

इसके बाद घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज, मानव तस्करी, हवाला नेटवर्क और सीमा पार गतिविधियों को लेकर एजेंसियों ने अलग-अलग स्तर पर इनपुट जुटाना शुरू किया है।

सूत्रों की माने तो विदेश से लौटने वाले लोगों की गतिविधियों, अचानक आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नए संपर्कों पर भी एजेंसियां नजर रख रही हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में सतर्क निगरानी से अवैध नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज और सीमा पार अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

बॉर्डर पर होगी सख्त नजर

ज्ञात हो कि दो दिन पहले एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश बार्डर की सुरक्षा ड्रोन, रडार, स्मार्ट कैमरों और तकनीक के सहारे पूरी तरह अभेद्य करने की घोषणा की है।

नई बार्डर स्ट्रेटेजी के तहत स्मार्ट बार्डर प्रोजेक्ट शुरू करने के साथ ही सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन से निपटने के लिए प्रस्तावित उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकीय मिशन के जल्द ही गठन की बात कही है।

किशनगंज जिला से बांग्लादेश की सीमा भी करीब 17 किमी पर है। गृहमंत्री के इस घोषणा से सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।

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