Murshidabad में आरोपित को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, 10 लोग हिरासत में…

बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सख्त संदेश के बाद भी पुलिस पर हमले की घटना रूक नहीं रही है।

इसी क्रम में राज्य के मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल में एक आरोपित को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया।

घटना में एक अधिकारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए

घटना में एक अधिकारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस के कब्जे से आरोपित को भी छुड़ा लिया, जिसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

हमले और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपित समेत अन्य हमलावरों की तलाश जारी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कूचियामोड़ा इलाके का निवासी आजमत शेख, जिसके खिलाफ एक हथियार मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी है, इलाके की एक चाय की दुकान पर मौजूद है।

आरोपित को हिरासत में लेकर वाहन में बैठाने लगी तभी हुआ पथराव

सूचना के आधार पर पुलिस वहां पहुंची और आरोपित को हिरासत में लेकर वाहन में बैठाने लगी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट शुरू कर दी।

आरोप है कि हमलावरों ने पुलिस के कब्जे से आरोपित को छुड़ा लिया, जिसके बाद वह फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डोमकल थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।

रातभर चली कार्रवाई में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया

रातभर चली कार्रवाई में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस फरार मुख्य आरोपित आजमत शेख और अन्य हमलावरों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। जिला पुलिस प्रशासन ने कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

मालूम हो कि यह घटना शुभेंदु अधिकारी की उस सख्त चेतावनी के कई दिनों बात सामने आई है जब मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद 16 मई को अपने पहले आधिकारिक जिला दौरे के दौरान दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने दोटूक लहजे में कहा था कि पुलिस पर हमले की कोई भी घटना अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस पर हमले की कोई भी घटना अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी- सीएम

उन्होंने हाल में आमडंगा और आसनसोल की घटनाओं का हवाला देते हुए चेतावनी दी थी कि पुलिस मार खाए, यह बात मेरे कान में नहीं आनी चाहिए। अगर पुलिस निष्क्रिय रही, तो वे खुद थाने में बैठकर काम कराएंगे।

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