हिमाचल के ग्रांफू में ‘विंटर वंडरलैंड’ जैसा नजारा, दो हजार से अधिक वाहनों के साथ लाहौल पहुंचे पर्यटक; पहाड़ों में लौटी रौनक…

लाहुल स्पीति के ग्रांफू में इन दिनों सैलानियों का मेला लग गया है। रोहतांग बहाल न होने के कारण अधिकतर पर्यटक मनाली से पांच किलोमीटर दूर कोकसर का रुख कर रहे है।

हालांकि शिंकुला भी पर्यटकों के लिए बहाल है, लेकिन मनाली से 140 किलोमीटर दूर होने के कारण बहुत कम पर्यटक शिंकुला का रुख कर रहे हैं। कोकसर के पर्यटन कारोबारी रतन व दिनेश कटोच ने बताया कि मई में बढ़ रही गर्मी के बीच अब कोकसर में बर्फ पिघल चुकी है।

ग्रांफू में अभी बर्फ शेष है। ऐसे में पर्यटक ग्रांफू का रुख कर रहे हैं और बर्फ में खूब मस्ती कर रहे हैं। बुधवार को 2000 से अधिक पर्यटक वाहन अटल टनल रोहतांग होकर कोकसर पहुंचे।

पर्यटन कारोबारी क्या बोले?

ग्रांफू के पर्यटन कारोबारी प्रीतम व कृष्ण ने बताया कि बुधवार को सैलानियों ने स्कीइंग, ट्यूब स्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, जोरबिंग बाल, एटीवी राइडिंग और याक की सवारी का आनंद लिया। उन्होंने बताया कि पर्यटन सीजन के बीच भारी संख्या में पर्यटक लाहुल की वादियों में पहुंच रहे हैं।

होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मनाली में मौसम सुहावना है और समर सीजन भी रफ्तार पकड़ने लगा है। आने वाले दिनों में सैलानियों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।

सैलानियों की भारी संख्या को देखते हुए समर सीजन में पर्यटन कारोबारियों को इस बार बेहतर कारोबार रहने की उम्मीद है। एसडीएम मनाली गूंजीत सिंह चीमा ने बताया कि जल्द ही रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए बहाल कर लिया जाएगा।

रोहतांग सहित चोटियों पर गिरे फाहे, घाटी में बारिश

मई में भी चोटियों पर हिमपात का क्रम जारी है। बुधवार को रोहतांग सहित चोटियों में हिमपात हुआ जबकि घाटी में बारिश हुई। इस बार मौसम पर्यटन कारोबारियों सहित पर्यटकों के लिए सुहावना बना हुआ है वहीं दूसरी ओर किसान बागवान मौसम के तेवरों से परेशान है।

इस बार घाटी में भी लोग व पर्यटक गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं। बीआरओ ने बारालाचा दर्रा बहाल कर लिया है। वहीं कुंजम दर्रा भी लगभग बहाल है। कुछ जगह से बर्फ हटाते ही मनाली काजा मार्ग पर भी छह महीने बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

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