Bihar Politics: बिहार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार आंकड़ों के जरिए सरकार को घेर रहे हैं।
वहीं अब उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने भी मोर्चा संभाल रखा है। उन्होंने कोयला आपूर्ति संबंधी सरकार के निर्णय पर तीखा हमला बोला है। पूछा है कि यह विकास का कौन सा मॉडल है।
रोहिणी का सम्राट सरकार पर तंज
रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स (ट्विटर) पोस्ट में सरकार पर व्यंग्य करते हुए लिखा कि “डबल इंजन सरकार रिवर्स गियर में चल रही है,, गैस सिलेंडर की जगह अब कोयला देने की बात हो रही है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र और राज्य सरकारें यह दावा कर रही हैं कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर बिहार में कोयला उपलब्ध कराने की बात क्यों की जा रही है?
पुराने दौर की ओर लौटाने की कोशिश
रोहिणी ने इसे ‘हास्यास्पद स्थिति’ बताते हुए कहा कि कोयला अब घरों की रसोई से वर्षों पहले खत्म हो चुका है। ऐसे में लोगों को फिर उसी ओर धकेलना विकास नहीं, बल्कि पीछे ले जाने जैसा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘विकास मॉडल’ असल में अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश है, जिसमें पुरानी सरकारों का हवाला देकर वर्तमान कमियों से ध्यान हटाया जाता है।
पहले से हमलावर हैं तेजस्वी
इससे पहले तेजस्वी भी राज्य सरकार पर अपराध, अर्थव्यवस्था, महंगाई और जनसुविधाओं के मुद्दे पर लगातार सवाल उठा चुके हैं। वे आंकड़ों के साथ सरकार की नीतियों को जमीनी हकीकत से दूर बता रहे हैं।