मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (अमेरिका को दुबारा महान बनाना) के बॉस डोनल्ड ट्रंप अक्सर ये कहा करते थे कि सिलिकॉन वैली के सीईओ और बड़े कॉर्पोरेट व्यवसायी उनके आगे पीछे इसलिए घूमते हैं ताकि वो उनसे मदद पा सकें।
अब जब ट्रंप मध्यावधि चुनाव में हार चुके हैं तो रिपब्लिकन दिग्गज टेड क्रूज का भी मनोबल टूट चुका है तो ट्रंप के समर्थक ये मान रहे हैं कि ट्रंप के साथ जुड़े रहने के क्या मायने (नुकसान) हो सकते हैं।
जांच के दायरे में कई लोग
चुनाव में जीत के बाद डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप के दौर की गड़बड़ियों की कई संसदीय जांच कराने की घोषणा की है। ऐसे में कुछ लोगों ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि इन जांच की वजह से कानून का सही से पालन होना चाहिए उनसे खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
चार अहम जांचों पर होगी नजर
कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य रॉबर्ट गार्सिया के’हाउस ओवरसाइट एंड गवर्नमेंट रिफॉर्म कमिटी’ अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। उन्होंने जांच के लिए चार मुख्य क्षेत्रों की पड़ताल भी कर ली है। इसमें ट्रंप के पारिवारिक व्यापारिक सौदे (जिसमें क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामले भी शामिल हैं, जिनके तार पाकिस्तान से जुड़े हैं), कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार और राजनीतिक घूसखोरी, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और आईसीई द्वारा कथित दुर्व्यवहार, और जेफ्री एपस्टीन की फाइलों से जुड़ा मामला है।
मुश्किल भरे हो सकते हैं अगले दो साल
ट्रंप के करीबी कॉरपोरेट सहयोगियों के लिए अगले दो साल मुश्किल भरे हो सकते हैं। उनके अगले दो साल कांग्रेस की सुनवाइयों के चक्कर लगाने में बीत सकते हैं। इनमें सबसे आगे एलन मस्क हो सकते हैं। मस्क टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख और दुनिया के सबसे अमीर शख्स हैं।
मस्क ने दिए थे सबसे ज्यादा पैसे
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति ने मध्यावधि चुनावों के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों और राजनीतिक समितियों की मदद के लिए कम से कम 445 मिलियन डॉलर खर्च किए। ये राशि उन्हें अमेरिकी चुनावों के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत दानदाता का दावा करता है। हालांकि इसके बदले उन्हें बहुत कम हासिल हुआ।
उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के जिन 43 उम्मीदवारों का समर्थन किया था, उनमें से केवल तीन ही जीते। उन्होंने रिपब्लिकन सीनेट के सात उम्मीदवारों का समर्थन किया था, जिनमें से छह हार गए। इनमें सबसे खराब स्थिति टेक्सास के केन पैक्सटन की रही, जहां मस्क के बड़े कारोबारी हित हैं। वहां उन्होंने 230 मिलियन डॉलर खर्च किए, लेकिन अंत में डेमोक्रेट जेम्स तालारिको ने जीत हासिल कर ली।