डच आर्ट जासूस आर्थर ब्रांड ने सोमवार को ‘पोर्ट्रेट ऑफ ए यंग गर्ल’ पेंटिंग को लेकर कई नए खुलासे किए।
उन्होंने बताया कि, नाजियों द्वारा दुनिया के मशहूर गौडस्टिकर कलेक्शन से लूटी गई एक कलाकृति उन्होंने खोज ली है। यह पेंटिंग नीदरलैंड्स में एक बदनाम SS सहयोगी के परिवार के पास मिली है।
ब्रांड ने बताया कि डच कलाकार टून केल्डर की बनाई पेंटिंग “पोर्ट्रेट ऑफ ए यंग गर्ल” (एक युवा लड़की का चित्र), शायद दशकों से हेंड्रिक सेफार्ड्ट के वंशजों के घर में टंगी हुई थी। ब्रांड ने इसे अपने पूरे करियर का सबसे अजीब मामलाय बताया।
इस मामले की तुलना 2025 में सामने आई एक खोज से की जा रही है, जिसने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय, 18वीं सदी की नाजियों द्वारा लूटी गई एक पेंटिंग, जो यहूदी आर्ट डीलर जैक्स गौडस्टिकर के कलेक्शन से ही थी। अर्जेंटीना में एक प्रॉपर्टी के विज्ञापन में दिखाई दी थी।
परिवार के ही एक आदमी ने दी जानकारी
नीदरलैंड्स के इस मामले में, ब्रांड ने बताया कि एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया, जिसने हाल ही में दो चौंकाने वाले राज खोजे थे। वह सेफार्ड्ट का वंशज था, और उसके परिवार ने सालों तक उस लूटी हुई कलाकृति को अपने घर में सजाकर रखा था।
परिवार के इस सदस्य ने, जो अपना नाम गुप्त रखना चाहता था, ब्रांड को बताया कि उसने यह पेंटिंग सेफार्ड्ट की पोती के घर के गलियारे में टंगी हुई देखी थी। सेफार्ड्ट की हत्या 1943 में डच प्रतिरोध सेनानियों ने कर दी थी।
सेफार्ड्ट, जो नाज़ियों के साथ सहयोग करने वाले सबसे ऊंचे ओहदे वाले डच लोगों में से एक था। वह पूर्वी मोर्चे पर डच स्वयंसेवकों की एक Waffen-SS टुकड़ी का नेतृत्व करता था।
NYT ने 1943 में उसकी मौत की खबर अपने पहले पन्ने पर छापी थी, और द हेग में उसके लिए एक भव्य नाजी राजकीय अंतिम संस्कार आयोजित किया गया था, जिसमें एडॉल्फ हिटलर द्वारा भेजा गया फूलों का हार भी शामिल था।
यहूदियों से लूटी गई थी यह कलाकृति
ब्रांड ने बताया कि सेफार्ड्ट की पोती ने परिवार के उस सदस्य से कहा था कि, यह पेंटिंग यहूदियों से लूटी गई कलाकृति है, जिसे गौडस्टिकर से चुराया गया था। इसे बेचा नहीं जा सकता, किसी को इस बारे में नहीं बताना। लेकिन परिवार का वह सदस्य चाहता था कि यह कहानी दुनिया के सामने आए, इसलिए उसने ब्रांड से संपर्क किया।
ब्रांड ने चोरी हुई कलाकृतियों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाकर अपना एक खास मुकाम बनाया है। इस परिवार के सदस्य ने टेलीग्राफ अखबार को बताया कि, “मुझे शर्म आ रही है। यह पेंटिंग गौडस्टिकर के वारिसों को लौटा देनी चाहिए।” इस पेंटिंग के पीछे गौडस्टिकर का एक लेबल लगा है और इसके फ्रेम पर 92 नंबर खुदा हुआ है।
1940 में हुई एक नीलामी के रिकॉर्ड में मिली जानकारी
ब्रांड ने 1940 में हुई एक नीलामी के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें गौडस्टिकर के लूटे हुए संग्रह का कुछ हिस्सा नीलाम हुआ था, और उन्हें आइटम नंबर 92 मिला। टून केल्डर द्वारा बनाई गई पेंटिंग “एक युवा लड़की का चित्र” (Portrait of a Young Girl)। नाजी के एक शीर्ष अधिकारी हरमन गोरिंग ने गौडस्टिकर का पूरा संग्रह तब लूट लिया था, जब 1940 में यह कला-व्यापारी भागकर इंग्लैंड चला गया था।
ब्रांड का अनुमान है कि डच सहयोगी सेफार्ड्ट ने 1940 की उस नीलामी में यह पेंटिंग हासिल की थी, और उसके बाद यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी उनके परिवार में ही रही। गौडस्टिकर के वारिसों के वकीलों ने ब्रांड को इस बात की पुष्टि की कि यह पेंटिंग लूटी गई थी, और उन्होंने इसे वापस लौटाने की मांग की है।
कानूनी कार्रवाई करने की समय-सीमा हो चुकी है समाप्त
जिस परिवार के सदस्य ने ब्रांड से संपर्क किया था, वह भी चाहता है कि यह पेंटिंग गौडस्टिकर के वारिसों को लौटा दी जाए; लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर सकती, क्योंकि इस चोरी की घटना को हुए अब इतना समय बीत चुका है कि इस पर कानूनी कार्रवाई करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।
डच रेस्टीट्यूशन कमेटी (Dutch Restitution Committee) जो नाजियों द्वारा लूटी गई कलाकृतियों के संबंध में सलाह देती है। वह भी इस मामले में बेबस है, क्योंकि वह किसी भी निजी व्यक्ति को कलाकृतियां वापस लौटाने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
ब्रांड ने कहा, “परिवार के उस सदस्य को लगता है कि इस मामले को सार्वजनिक रूप से उजागर करना ही एकमात्र ऐसा तरीका है, जिससे शायद यह पेंटिंग गौडस्टिकर के वारिसों को वापस मिल सके, क्योंकि असल में इस पर उन्हीं का हक है।”