नेपाल में शब्दों और संगीत को सुविधानुसार लयबद्ध करने वाले 35 वर्षीय बालेंद्र (बालेन) शाह ने प्रतिनिधि सभा के चुनाव में इतिहास रच दिया है।
पढ़कर इंजीनियर बने और गीत-संगीत के शौक में रैपर बनने वाले बालेन अब राजनीति की बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने इसका आगाज झापा-5 सीट से चार बार प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को करीब 50 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराकर किया है।
बालेन को 68 हजार तो ओली को 18 हजार वोट मिले हैं। बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) को सीधे चुनाव से भरी जाने वाली प्रतिनिधि सभा की 165 सीटों में से अभी तक 62 सीटों पर जीत हासिल हो चुकी है और 78 सीटों पर पार्टी प्रत्याशी प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं।
नेपाली मतदाताओं ने राजनीतिक के बड़े नामों को किया खारिज
ताजा चुनाव में नेपाली मतदाताओं ने राजनीति के बड़े नामों और उनके दलों को खारिज कर दिया है।
नेपाली कांग्रेस, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल), नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य पुराने दल प्रतिनिधि सभा की सिर्फ 25 सीटों पर सिमटकर रह गए हैं। जबकि पत्रकार रहे रवि लेमिछाने की 2022 में बनाई आरएसपी ने चुनाव में अभूतपूर्व ढंग से बाजी मारी है।
बालेन बने जेन जी की पसंद
बालेन शाह इसी पार्टी के प्रधानमंत्री पद का चेहरा हैं जिन पर भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की स्थापना के लिए देश ने विश्वास जताया है।
सितंबर 2025 में हुए जेन जी आंदोलन में ओली सरकार के अपदस्थ होने के बाद भी कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के लिए बालेन का नाम चला था लेकिन तब आम सहमति नहीं बन पाई थी।
आरएसपी ने राजधानी काठमांडू की सभी 10 संसदीय सीटें जीतकर वहां विपक्षी दलों का सफाया कर दिया है। बालेन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर जनवरी 2026 तक काठमांडू के मेयर रहे थे।
नेपाली कांग्रेस ने जीतीं कितनी सीटें?
नेपाली कांग्रेस ने अभी तक नौ सीटें जीती हैं और नौ पर ही उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। जबकि ओली की नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने तीन सीटें जीती हैं और नौ सीटों पर उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।
अभी तक की मतगणना में नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी दो सीटें जीती है और पांच सीटों पर उसके प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।
इसी प्रकार से श्रम शक्ति पार्टी ने तीन सीटें जीती हैं। पांच मार्च को हुए मतदान में करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में 165 सदस्य सीधे मतदान से चुने जाएंगे जबकि बाकी के 110 सदस्यों को संसद में पार्टी की भागीदारी के हिसाब से चुना जाएगा।