रायपुर : सुशासन तिहार से मिली रोजगार की नई राह: ओम प्रकाश पैकरा को मिला जॉब कार्ड…

अब मजदूरी के लिए नहीं करना पड़ेगा पलायन, गांव में ही मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ ग्रामीण अंचलों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

समाधान शिविरों के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत बलसेड़ी निवासी श्री ओम प्रकाश पैकरा को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं।

पलायन की मजबूरी से मिली राहत
    श्री ओम प्रकाश पैकरा ने बताया कि जॉब कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ता था। इससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। परिवार से दूर रहना पड़ता था और घर की जिम्मेदारियों का निर्वहन भी प्रभावित होता था। उन्होंने बताया कि गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में आवेदन देने के बाद उन्हें जॉब कार्ड उपलब्ध कराया गया। अब वे अपने गांव में ही मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और परिवार के साथ रहकर उसकी देखभाल भी कर पाएंगे।

गांव में ही मिला समाधान
    जॉब कार्ड प्राप्त होने पर श्री पैकरा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा और गांव में ही काम मिलने से परिवार की जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
    श्री ओम प्रकाश पैकरा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।

ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रहा सुशासन तिहार
    उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है। समाधान शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ओम प्रकाश पैकरा जैसे अनेक हितग्राही आज इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त कर सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

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