रायपुर : मोदी सरकार के 12 वर्ष- अबूझमाड़ के ओरछा में उमड़ा जनसैलाब…

तीन दिवसीय शिविर में 277 समस्याओं का मौके पर निपटारा

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में विकास और विश्वास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है।

इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और एक ही छत के नीचे लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करना था।

             इसी कड़ी में “विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत नारायणपुर जिले के सुदूर और संवेदनशील ओरछा विकासखंड में तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का गरिमामय आयोजन किया गया। 18 से 20 जून तक चले इस त्रि-दिवसीय महा-अभियान का मुख्य ध्येय शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना था।

’277 संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निराकृत’

    ​       अबूझमाड़ के जंगलों और सुदूर गांवों से निकलकर ग्रामीण बड़ी संख्या में इन शिविरों में पहुंचे, जिससे शासन और जनता के बीच की दूरी मिटती नजर आई। तीन दिनों के भीतर प्रशासन को कुल 396 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 277 संवेदनशील मामलों का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई। शेष बचे आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है।

’गारपा से जाटलूर तक- तीन दिनों का सफरनामा’

           ​इस अभियान की शुरुआत 18 जून को ग्राम गारपा से हुई, जहां पहले ही दिन ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहां प्राप्त 85 आवेदनों में से 76 का तत्काल निपटारा किया गया। उत्साह का यह सिलसिला दूसरे दिन 19 जून को ग्राम कुतुल पहुंचा, जहां 131 आवेदन आए और 89 मामलों को मौके पर ही सुलझा लिया गया। अभियान के अंतिम दिन यानी 20 जून को ग्राम जाटलूर में ग्रामीणों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी। यहां रिकॉर्ड 180 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 122 मामलों का मौके पर ही प्रशासनिक अधिकारियों ने त्वरित निराकरण किया।

​’एक ही छत के नीचे पहुंचे सारे विभाग’

          ​जाटलूर में आयोजित अंतिम शिविर में जिला प्रशासन की मुस्तैदी साफ देखने को मिली। ग्रामीणों को भटकना न पड़े, इसके लिए सभी प्रमुख विभागों के स्टॉल एक ही परिसर में लगाए गए थे। यहां स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा 58, महिला एवं बाल विकास विभाग में 48, जनपद पंचायत नारायणपुर में 28, पशु चिकित्सा विभाग में 16, तहसील कार्यालय में 14 और खाद्य विभाग में 12 आवेदन प्राप्त हुए।


         ​इस दौरान आयुष्मान भारत और आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत नए कार्ड बनाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की आस जगाने, पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्यघर योजना और जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत नए पंजीयन और त्रुटि सुधार का काम युद्ध स्तर पर किया गया। साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने के लिए भी तत्परता दिखाई गई।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ

     ​शिविर की सफलता पर जिला प्रशासन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप ऐसे शिविरों का आयोजन बस्तर और अबूझमाड़ के सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों के जीवन को सुगम बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि सीधे जनता के द्वार तक पहुंचकर उन्हें उनका हक और समयबद्ध लाभ दिलाने की एक ईमानदार कोशिश है।

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