बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।
राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। इसी बीच बालेश्वर जिले की जलका नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे नदी किनारे के गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।
जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पड़ोसी मयूरभंज जिले के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा होने से जलका नदी में पानी का बहाव बढ़ गया है। बालेश्वर जिले के बस्ता ब्लॉक के मथानी गेज स्टेशन पर नदी का चेतावनी स्तर 6 मीटर और खतरे का स्तर 6.50 मीटर निर्धारित है।
मंगलवार सुबह 6 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे तटीय और निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ की स्थिति और गंभीर
उधर, राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, रेलवे ट्रैक पर जल जमाव होने से ट्रेन सेवा प्रभावित हुई हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित होने लगे हैं।
प्रशासन को आशंका है कि यदि अगले 24 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा तो कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने भी राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने जिला कलेक्टरों, अग्निशमन विभाग और ओडिशा आपदा त्वरित कार्यबल (ओडीआरएएफ) की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बालेश्वर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और केंद्रापड़ा सहित कई जिलों में नदी तटीय क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच पूरे ओडिशा में लोगों की निगाहें मौसम और नदियों की स्थिति पर टिकी हुई हैं। यदि वर्षा का यही सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।