अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुरीद हैं। उन्होंने कहा कि मोदी “महान नेता” हैं और वह “युद्धों से दूर रहते हैं। यह पूछे जाने पर कि वह किस नेता के सर्वाधिक तारीफ करते हैं तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का नाम लिया।
फ्रांस में हुए जी7 समिट से लौटने के कुछ ही समय बाद एक्सियोस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, मोदी बहुत अच्छे हैं। वे युद्धों से दूर रहते हैं, जो कि समझदारी है। वे 1.5 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। असल में भारत सबसे बड़ा देश है। मोदी बेहतरीन नेता हैं और हम उनके साथ काफी व्यापार करते हैं, लेकिन अब हम निष्पक्ष व्यापार करते हैं।
ट्रंप ने इन नेताओं का नहीं लिया नाम
ट्रंप ने पीएम मोदी को मुश्किल हालात में आसानी से हार न मामने वाला और शारीरिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बताया। उन्होंने उन नेताओं के नाम बताने से इन्कार कर दिया जिन्हें वे सबसे कमजोर मानते हैं। इसके बाद उन्होंने जी7 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की गैर-मौजूदगी का जिक्र किया और बताया कि 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस को बाहर किए जाने से पहले यह ग्रुप जी8 हुआ करता था।
‘मैं जैसा बोलूंगा वैसा करेगा इजरायल’
इंटरव्यू के दौरान, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ टकराव के बाद उन्हें अपनी ताकत की “कोई सीमा” नजर नहीं आई। इंटरव्यू में, ट्रंप ने कहा कि जी7 नेताओं ने मान लिया कि “मैं बॉस हूं”, और इजरायल “मेरी बहुत इज्जत करता है” और “जैसा मैं कहूंगा, वैसा ही करेगा”।
उन्होंने दावा किया, अगर मैं न होता, तो आज इजरायल का अस्तित्व ही नहीं होता।” उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने रिश्ते को “अच्छा” बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “हमें उन्हें थोड़ा समझदार बनाए रखना होगा”।
ईरान को लेकर अपनी नीति से नाराज रिपब्लिकन आलोचकों के बारे में भी ट्रंप का रुख कुछ ऐसा ही था। उन्होंने कहा कि ईरान के मामले में जो नतीजा निकला, वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” और “सत्ता परिवर्तन” जैसा ही है।