पंजाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही टूट ने पार्टी का असली चेहरा उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह संकट विचारधारा का नहीं, बल्कि पंजाब के संसाधनों और जनता के धन पर नियंत्रण की लड़ाई का परिणाम है।
बाजवा ने कहा कि जो कुछ सामने आ रहा है वह सिद्धांतों का टकराव नहीं, बल्कि सत्ता, संरक्षण और पैसे की लड़ाई है।
आप के भीतर विरोधाभासों को उजागर करते हुए बाजवा ने कहा कि यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि राघव चड्ढा ने पार्टी के भीतर कथित गलत कार्यों का हिस्सा बनने से इनकार किया।
प्रताप सिंह बाजवा ने जमकर बोला हमला
बाजवा ने कहा, जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं तो सच्चाई स्वयं स्पष्ट हो जाती है। यह कभी विचारधारा की लड़ाई नहीं थी, बल्कि हमेशा पैसे और पंजाब के सार्वजनिक खजाने की सुनियोजित लूट का मामला रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने भी जनता के जनादेश के व्यापार में अपनी भूमिका निभाई है।
राघव चड्ढा समेत आप के 7 सांसदों ने बीजेपी में किया विलय
बता दें कि शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को आम आदमी पार्टी के कुल 7 राज्यसभा सांसदों- राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए बीजेपी में विलय कर लिया।
राघव चड्ढा ने बीजेपी में विलय करने से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की और इस दौरान उन्होंने आप पर जमकर हमला बोला।
इसके बाद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने बीजेपी दफ्तर जाकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकत की और बीजेपी में विलय कर लिया।