अपनी अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक चाल चलने से कुछ ही दिन पहले राघव चड्ढा ने एक फिल्मी अंदाज अपनाया और ‘धुरंधर’ फिल्म का एक डायलॉग दोहराया कि “घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
अब जब पीछे मुड़कर देखते हैं तो यह डायलॉग और इसका मतलब बिल्कुल अलग नजर आता है। वह “घायल” नेता राघव चड्ढा न सिर्फ अरविंद केजरीवाल की AAP से अलग हो गए हैं बल्कि उन्होंने भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक ‘सरहद’ भी पार कर ली है। और ऐसा करके उन्होंने शायद आप को अब तक का सबसे गहरा जख्म दिया है।
आम आदमी पार्टी के लिए घातक बने चड्ढा
किसी बड़े नेता के पार्टी छोड़ने से कहीं ज्यादा चड्ढा का यह कदम पार्टी के आंकड़ों, उसकी कहानी और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी जगह को सीधे तौर पर चोट पहुंचाता है। आप के लिए इस झटके का सबसे ज्यादा असर शायद पंजाब में महसूस होगा। यह इकलौता ऐसा राज्य है जहां पार्टी सत्ता में है और जो उसकी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं की नींव है।
यहां 5 ऐसे कारण बता रहे हैं जिनकी वजह से राघव चड्ढा का पार्टी छोड़ना आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा चोट पहुंचा सकता है-
आंकड़ों के हिसाब से इस टूट की कीमत
आप से राघव चड्ढा का जाना पार्टी के लिए सिर्फ एक राजनीतिक झटका ही नहीं है बल्कि संसद में यह पार्टी को सीधे-सीधे आंकड़ों के लिहाज से भी एक बड़ा नुकसान पहुंचाता है। राघव चड्ढा पार्टी से राज्यसभा के 6 अन्य सदस्यों के साथ अलग हुए हैं।