भौर में शराब के अवैध धंधे के विरुद्ध कार्रवाई करने गई पुलिस टीम को दुकान में बंद दिया। पुलिस ने इस मामले में पंचायत प्रधान समेत कई नामजद लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
धनोटू थाना के एएसआइ श्याम लाल को सूचना मिली थी कि भौर के नायक चिकन कार्नर में अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। पुलिस टीम की दबिश के दौरान मालिक रवि की मौजूदगी में अंदर के कमरे से शराब बरामद की।
इतने में भौर पंचायत के प्रधान चंद्रमणि और नागेंद्र पाल नामक व्यक्ति चार-पांच अन्य लोगों व एक महिला के साथ दुकान के अंदर घुस आए। पुलिस पर केस न बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पुलिस को बना लिया बंधक
आरोप है कि प्रधान व नागेंद्र गवाहों को डराते हुए बाहर ले गए और दुकान का मुख्य शटर और दूसरे कमरे का पिछला दरवाजा बाहर से बंद कर एसआई श्यामलाल, मुख्य आरक्षी विनय कुमार व आरक्षी निशिकांत को बंध बना लिया। एसएचओ मनोज ठाकुर व चालक टेक चंद बाहर थे। काफी समय बाद आरोपितों ने शटर खोला और पुलिस टीम के साथ बदतमीजी करते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस टीम को बंधक बनाने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और गवाहों को प्रभावित करने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
उधर पंचायत प्रधान चंद्रमणि ने बताया कि वह इस संबंध में ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से मिले हैं। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। एसएचओ धनोटू ने वर्दी का दुरुपयोग कर उन्हें और लोगों को बदनाम करने के लिए सारा षड्यंत्र रचा है। उन्होंने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।