पीयूष गोयल का दावा: जुलाई तक भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो सकता है, वार्ता अंतिम चरण में…

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बताया कि भारत व अमेरिका के बीच अगले माह के मध्य तक व्यापार समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

गत दो से चार जून तक दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर नई दिल्ली में होने वाली वार्ता सकारात्कम रही। उन्होंने बताया कि गत बुधवार की शाम को अमेरिका के वार्ताकारों से उनकी मुलाकात भी हुई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि भारत के साथ जल्द ही व्यापार समझौता हो जाएगा। अभी अमेरिका में वहां के सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी देशों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लग रहा है जिसकी अवधि आगामी 24 जुलाई को समाप्त हो रही है।

इससे पहले अपने व्यापार कानून के सेक्शन 301 के तहत अमेरिका सभी देशों पर फिर से शुल्क लगाने की तैयारी में है। सूत्रों का कहना है कि यही वजह है कि अमेरिका भारत पर 301 के तहत 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील जुलाई तक संभव

मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि अमेरिका भारत पर शुल्क लगाने के लिए अभी इस प्रकार के कई और प्रस्ताव ला सकता है। ताकि भारत व्यापार समझौते के लिए पहले से प्रस्तावित 18 प्रतिशत की दर को स्वीकार ले। इन सबके बीच अगले महीने अमेरिका के व्यापार मंत्रालय के शीर्ष प्रतिनिधि भारत के दौरे पर आ सकते हैं।

मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि भारत यह देखेगा कि अमेरिका अन्य देशों पर कितना शुल्क लगाता है। अगर भारत को अमेरिका के बाजार में प्रतिद्वंद्वी देशों पर शुल्क के मामले में बढ़त मिलती है तो व्यापार समझौता करने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं होता है तो भारत व्यापार समझौते को नकार भी सकता है। अमेरिका भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है जहां होने वाले निर्यात के प्रभावित होने से भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग पर असर दिख सकता है।

30 अरब डॉलर का मछली निर्यात का लक्ष्यः गोयल

वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि विभिन्न देशों के साथ हो रहे व्यापार समझौते को देखते हुए अगले पांच साल में मछली का निर्यात 30 अरब डालर करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में भारत 8.5 अरब डालर का मछली निर्यात करता है। 170 अरब डालर के वैश्विक मछली निर्यात में भारत की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत है।

हालांकि मछली निर्यात में पिछले 10 सालों में 60 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। शुक्रवार को विशाखापट्नम में मछली निर्यात बढ़ाने को लेकर रोडमैप तैयार करने के कार्यक्रम में गोयल ने कहा कि आंध्रप्रदेश व अन्य समुद्री राज्य मछली निर्यात में आगे हैं। लेकिन बिहार जैसे राज्यों से भी मछली निर्यात को प्रोत्साहित करने की तैयारी की जा रही है।

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