प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के बड़े नतीजे निकलने की उम्मीद है। भारत इंडोनेशिया के लिए खास तौर पर ईवीएम बनाने में मदद करेगा। साथ ही भारत की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल की कामयाबी के बाद इंडोनेशिया ने भारत से ‘अस्त्र’ मिसाइलें खरीदने का फैसला किया है।
जरूरी मिनरल की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए, भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करेगा। इंडोनेशिया अपने ब्रह्मोस स्टॉक को बढ़ा रहा है और भारत उसे और बैटरी देकर मदद करेगा।
सबांग पोर्ट करेंगे विकसित
सूत्रों के मुताबिक, भारत और इंडोनेशिया मिलकर सबांग पोर्ट को डेवलप करेंगे। यह पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के पास है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से 100 मील दूर है। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्ताना मर्देका (राष्ट्रपति भवन) में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से मुलाकात के बाद गेस्टबुक पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं को हाथ मिलाते और गर्मजोशी से मुस्कुराते हुए देखा गया।
जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत
जकार्ता पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। इसके साथ ही उनकी आधिकारिक राजकीय यात्रा की शुरुआत हुई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जकार्ता में राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। यह यात्रा भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे और साथ ही दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे भरोसे, साझा मूल्यों और स्थायी मित्रता को और मजबूती मिलेगी।”
पीएम मोदी के विमान को इंडोनेशियाई सेना के जेट्स ने किया एस्कॉट
प्रधानमंत्री सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे। उनकी तीन देशों की कूटनीतिक यात्रा की शुरुआत एक शानदार औपचारिक स्वागत के साथ हुई, जिसमें इंडोनेशियाई वायु सेना के फाइटर जेट ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया और हवाई अड्डे पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया।
जब प्रधानमंत्री का विमान इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ तो सैन्य फाइटर जेट्स ने उसे एस्कॉर्ट किया। इसके बाद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया और पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति के साथ उनका अभिवादन किया।
खास बात यह है कि 2018 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने के बाद से यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। हाल के वर्षों में नई दिल्ली और जकार्ता के बीच सुरक्षा संबंधों में काफी विस्तार हुआ है।
इसके पीछे लगातार उच्च-स्तरीय आधिकारिक बातचीत, नियमित संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा उद्योग में मिलकर काम करने की पहल और इंडोनेशिया द्वारा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की महत्वपूर्ण खरीद जैसे कारक रहे हैं।