भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार के विशेष विधानसभा सत्र के समानांतर चंडीगढ़ में अपना पैरलल सेशन आयोजित किया। इस सेशन को पूरी तरह विधानसभा की तर्ज पर संचालित किया जा रहा है, जिसमें पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने स्पीकर की भूमिका निभा रहे है।
सेशन की शुरुआत दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। भाजपा प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि प्रदेश में नशे के कारण जान गंवाने वाले युवाओं को भी सदन में याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर हिंसा के शिकार लोगों को भी श्रद्धांजलि दी जानी जरूरी है, ताकि सरकार को वास्तविक स्थिति का अहसास हो सके। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले लोगों को भी शोक प्रस्ताव में शामिल करने की मांग रखी।
इस दौरान राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सेशन में अमृतसर के वेयरहाउस डीएम गगनदीप रंधावा का नाम भी श्रद्धांजलि सूची में शामिल किया गया, जिन्होंने मंत्री पर आरोप लगाते हुए आत्महत्या की थी। इसके अलावा प्रदेश में नशे से कथित तौर पर मारे गए 1600 लोगों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
सेशन के दौरान भाजपा नेताओं ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। पार्टी के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के विशेष सत्र केवल ‘राजनीतिक मंच’ बनकर रह गए हैं, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ तथ्यहीन प्रस्ताव लाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बोलने का पर्याप्त समय नहीं दिया जाता और उसकी आवाज दबाई जाती है।
अश्वनी शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए यह पैरलल सेशन कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब वे आधिकारिक सेशन में हिस्सा नहीं लेंगे। उनका आरोप था कि मौजूदा सत्र जनता के मुद्दों से भटककर केवल सरकार के ‘यशोगान’ तक सीमित हो गया है।
वहीं, सुनील जाखड़ ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में चिंताजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ और दो मंत्रियों को अपमानित किया गया। जाखड़ ने इसे सरकार के भीतर अस्थिरता और अव्यवस्था का संकेत बताया। सेशन की कार्यवाही जारी है।