नोएडा की फैक्ट्रियों में ओवरटाइम खत्म, 1 मई से दो शिफ्टों में काम; हजारों नए रोजगार के अवसर खुलेंगे…

ओवरटाइम को लेकर औद्योगिक इकाइयों पर बढ़ रहे आर्थिक भार से निपटने के लिए उद्यमियों ने अपनी कार्ययोजना में बदलाव कर अमल करना शुरू कर दिया है।

11098 औद्योगिक इकाइयों में से अधिकांश ने ओवरटाइम खत्म कर दिया है।

निर्णय लिया है कि अब एक शिफ्ट और ओवरटाइम की जगह दो शिफ्ट (सुबह छह से दोपहर दो और दोपहर दो से रात 10 बजे तक) में इकाइयों का संचालन किया जाएगा। 

इससे अधिक लोगों को रोजगार भी दिया जा सकेगा। यह व्यवस्था पूर्ण रूप से एक मई से लागू हो जाएगी। इसकी जानकारी से औद्योगिक संगठनों को अवगत कराया जा रहा है।

इससे अब यह तय माना जा रहा है कि एक मई से औद्योगिक इकाइयों के संचालन का पूरा स्वरूप बदल जाएगा।

श्रमिकों के लिए 21 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी 

नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) के उपाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि इकाइयों में श्रमिकों से ओवरटाइम कराना बंद कर दिया है।

प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से श्रमिकों के लिए 21 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी का जो नियम लागू किया है, उसी आधार पर इकाइयों में कामकाज किया जाएगा। 

ऐसे में न्यूनतम वेतन व निर्धारित समय के अनुसार ही श्रमिकों से काम लिया जाएगा। ओवरटाइम सिस्टम पूरी तरह से खत्म कर दिया है। एनईए के सचिव कमल कुमार ने बताया कि डबल शिफ्ट में पड़ने वाले श्रमिक भार को कम करने के लिए नए श्रमिकों की भर्ती शुरू कर दी है, जिससे शहर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। 

खर्च व संसाधन लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही

हालांकि 16 घंटे इकाइयों के संचालन को लेकर आने वाले खर्च व संसाधन लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बिजली की आपूर्ति व जेनसेट के जरिए इकाइयों के संचालन को लेकर आने वाले खर्च का आंकलन किया जा रहा है। 

उद्यमी राहुल नैय्यर ने बताया कि कुछ श्रमिकों की ओर से कहा जा रहा है कि वह ओवरटाइम के बिना काम नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें स्पष्ट कह दिया है कि ओवरटाइम को लेकर अब इकाइयों में कामकाज नहीं होगा। जिन लोगों से ओवरटाइम कराया जा रहा था, उनकी जगह अब नए सिरे से भर्ती की जा रही है, उन्हें रोजगार देकर सरकार की बेरोजगारी की समस्या पूरी तरह से समाप्त की जाएगी। 

उद्यमी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि वैसे ही बाजार में धंधा कम मिल रहा है। आठ घंटे में ही आसानी से काम पूरा हो जाएगा, अधिक आर्डर आने पर ही दूसरी शिफ्ट पर काम होगा। इससे जो इकाइयां एक शिफ्ट में काम पूरा कर सकती हैं, उनके यहां पर सुबह नौ बजे से संचालन शुरू होगा, शाम पांच बजे छुट्टी कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से इकाइयों से निकलने वाले श्रमिकों के समय में भी बदलाव हो जाएगा। यातायात जाम की समस्या भी खत्म होगी।

20 अप्रैल को होगी लखनऊ में बैठक

श्रमिक ओवरटाइम दोगुना देने की मांग पर अड़े हैं, जबकि उद्यमी आर्थिक बोझ बढ़ने का हवाला देकर हाथ खड़े कर रहे हैं। श्रम विभाग दो वर्ष का एरियर भी श्रमिकों को दिलाने की बात को लेकर अड़ा है। इससे लगातार विवाद गहराता जा रहा है। 

इस मामले को लेकर लखनऊ में 24 अप्रैल को उद्यमियों के साथ उत्तर प्रदेश अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, मुख्य सचिव एसपी गोयल, मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के साथ बैठक होगी। 

नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि बैठक में शमिल होने वाले बिंदुओं की सूची तैयार की जा रही है। बैठक में औद्योगिक इकाइयां शांतपूर्ण ढंग से नोएडा में संचालित हो इसको लेकर बातचीत होगी।

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