‘हमारा तरीका गलत लग सकता है, मगर…’; कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने फिर मचाया उत्पात…

कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक बार फिर उत्पात मचाया है। गैंग से जुड़े फतेह पुर्तगाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नवी तेसी नाम के व्यक्ति के कई ठिकानों पर फायरिंग करवाई गई है।

आरोप है कि नवी तेसी ने लॉरेंस बिश्नोई के नाम का दुरुपयोग कर 5 मिलियन डॉलर वसूले हैं। मालूम हो कि कनाडा सरकार की ओर से लॉरेंस बिश्नोई को हाल ही में आतंकवादी घोषित किया गया है।

इसके बाद यह गैंग की पहली बड़ी वारदात मानी जा रही है, जो स्थानीय स्तर पर भय का माहौल पैदा करने वाली है।

फतेह पुर्तगाल की पोस्ट में साफ चेतावनी दी गई कि गोल्डी ढिल्लों और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर कनाडा में वसूली या शूटिंग करने वालों की अब जिम्मेदारी वे खुद लेंगे।

उन्होंने लिखा, ‘सत श्री अकाल, राम-राम सारे भाइयों को। मैं फतेह पुर्तगाल बोल रहा हूं।’ पोस्ट के अनुसार, नवी तेसी के स्वामित्व वाली सभी जगहों पर पिछले तीन दिनों से फायरिंग जारी है।

नवी तेसी पर गायकों से जबरदस्ती 5 मिलियन वसूली का आरोप लगाया गया है, जिसके चलते गैंग ने उसके पीछे पड़ने का ऐलान किया है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का क्या संदेश

पोस्ट में गैंग ने अन्य व्यापारियों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि जो भी मेहनती भाइयों-बहनों से काम लेते हुए उन्हें परेशान कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

अगर कोई सबूत देगा कि कोई व्यक्ति गलत है, तो उसके पीछे जाएंगे। गैंग ने साफ कर दिया कि मेहनत करने वालों और युवाओं की इज्जत करने वालों से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है।

फतेह पुर्तगाल ने चेतावनी दी कि यदि आगे कोई गलत खबर फैलाई गई, तो जिन व्यापारियों की जान या व्यापार को नुकसान पहुंचे, उसकी जिम्मेदारी फैलाने वालों की होगी, न कि उनकी।

उन्होंने कहा कि उनका तरीका गलत लग सकता है, लेकिन इरादा नेक है।

कनाडा में आतंकवादी संगठन घोषित

बता दें कि कनाडा सरकार ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह गिरोह भय और धमकी का माहौल बनाकर काम करता है।

कनाडा की ओर से लिया गया फैसला भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह वही गिरोह है जो खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़ा हुआ माना जाता है।

भारत की जेल में बंद 32 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने 2010 में पंजाब विश्वविद्यालय में छात्र रहते हुए अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

छात्रसंघ चुनाव के दौरान एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार पर गोलीबारी करने के लिए उसे तीन महीने की सजा भुगतनी पड़ी थी, जो उनके आपराधिक सफर की शुरुआत थी।

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