अमेरिका-ईरान बातचीत का नया दौर आज से, जेडी वेंस ने एजेंडा किया स्पष्ट…

अमेरिका और ईरान आज स्विट्जरलैंड में बातचीत का एक नया दौर शुरू करने वाले हैं। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत नाकाम रही तो वे दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस शिपिंग रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने पर टोल लगाएंगे।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। उन्होंने गुरुवार को स्विट्जरलैंड की अपनी यात्रा रद कर दी थी क्योंकि लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्ला के बीच घातक हमले हुए थे। इन हमलों से 28 फरवरी को शुरू हुए मिडिल-ईस्ट युद्ध को खत्म करने के लिए इस हफ्ते हुई डील पर खतरा मंडराने लगा था।

गालिबाफ और अराघची कर रहे ईरान का नेतृत्व

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची तेहरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में सुरक्षा, केंद्रीय बैंक और तेल क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी स्विट्जरलैंड के छोटे से गांव ओबबुर्गेन में स्थित बुर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मौजूद रहेंगे। कतर के मध्यस्थ भी वहां मौजूद रहेंगे।

14-सूत्रीय समझौते पर हुए साइन

डोनल्ड ट्रंप और उनके ईरानी समकक्ष मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को युद्ध खत्म करने के लिए 14-सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में लेबनान सहित सभी सैन्य गतिविधियों को तुरंत रोकने का प्रावधान है और दोनों देश 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जेडी वेंस ने क्या कहा?

स्विट्जरलैंड के लिए अपनी फ्लाइट में सवार होने से पहले जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें परमाणु और लेबनान में युद्धविराम के मुद्दों पर प्रगति करने की उम्मीद है। जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं वहां सिर्फ एक या दो दिन के लिए ही रह पाऊंगा। मुझे उम्मीद है कि हम परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्ध-विराम के मुद्दे पर कुछ प्रगति कर पाएंगे। मुझे लगता है कि ये दो मुख्य मुद्दे हैं जिन पर हमारा ध्यान रहेगा।”

उन्होंने शनिवार को पहले दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के बातचीत करने वाले जेरेड कुशनर और स्टीव विटकोफ पहले से ही वहां मौजूद थे और कुछ तकनीकी पहलुओं को संभाल रहे थे। उन्होंने बताया था कि सब कुछ ठीक चल रहा है।

‘बातचीत विफल हुई तो होर्मुज में लगा देंगे टोल’

डोनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत करने वाले डील पूरी करने में नाकाम रहते हैं तो अमेरिका होर्मुज पर अपना टोल लगा सकता है।

उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर्मुज में कोई टोल नहीं लगेगा। 60 दिन की अवधि खत्म होने के बाद भी कोई टोल नहीं लगेगा, सिवाय उस स्थिति के जब अमेरिका द्वारा और उसके लिए टोल लगाया जाए (अगर डील पूरी नहीं होती है) और यह टोल मध्य पूर्व के देशों के लिए रक्षक के तौर पर दी गई सेवाओं के बदले पिछली, मौजूदा और भविष्य की लागतों की भरपाई के लिए हो।”

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