मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी परीक्षा नीट-यूजी के पेपर लीक मामले में गुरुवार को संसदीय समिति के सामने पेश हुए एनटीए के शीर्ष अधिकारियों ने दावा यह किया है कि नीट-यूजी का पेपर लीक नहीं हुआ था बल्कि सिस्टम कम्प्रोमाइज हुआ था।
वहीं पेपर लीक के मुद्दे पर बैठक में हंगामा भी हुआ, क्योंकि समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह जहां इसे पेपर लीक बता रहे थे, वहीं समिति की बैठक में मौजूद भाजपा सांसदों उन्हें इस मुद्दे पर उन्हें घेरा और कहा कि सीबीआइ जांच पूरी हुए बगैर कैसे कह सकते है कि पेपर लीक हुआ था।
NTA का नीट पेपर लीक से इनकार
शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति के सामने पेश हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के शीर्ष अधिकारियों ने पेपर लीक से जुड़े सवालों पर कहा कि नीट-यूजी का पेपर लीक नहीं हुआ था बल्कि कम्प्रोमाइज हुआ था।
एनटीए अधिकारियों ने दावा किया कि नीट-यूजी के अंतिम प्रश्न पत्र को मराठी भाषा में अनुवाद करने के लिए जिन शिक्षकों को दिया गया था, उन्होंने ही प्रश्नों को रट लिया था और बाद में उन सवालों को कागज में उतार कर गेस पेपर के रूप में छात्रों को मुहैया करा दिया था।
इस दौरान समिति में शामिल सदस्यों ने इस पर सवाल भी खड़े गए। साथ ही कहा कि जब हूबहू प्रश्नपत्र गेस पेपर के जरिए बाहर आए तो इसे लीक ही माना जाएगा। इस दौरान समिति के सदस्यों ने एनटीए के महानिदेशक से प्रश्न पत्र को तैयार करने से जुड़े कई सवाल भी किए, जिसका उन्होने कोई जवाब नहीं दिया और केवल यह कहा कि इसकी सीबीआई जांच चल रही है।
शिक्षकों ने प्रश्न याद कर गेस पेपर दिए थे
सूत्रों की मानें तो बैठक शुरू होने से पहले ही भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दिग्विजय सिंह पर एजेंडा लीक करने का आरोप लगाया। बैठक में हंगामे के बीच दिग्विजय सिंह ने कहा कि पेपर लीक को लीक न बोला जाए, तो क्या कहा जाए। इस पर पटलवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद कहा कि जब तक सीबीआई की रिपोर्ट पेश नहीं हो जाती , तब तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं जाना चाहिए।
बैठक में हंगामे के बीच एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने नीट पेपर लीक नहीं हुए थे बल्कि कुछ लोगों ने प्रश्न ही याद कर लिये थे। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक नहीं हो सकते है। इस दौरान उन्होंने परीक्षाओं से जुड़े प्रोटोकाल की जानकारी भी दी। साथ ही बताया कि राधाकृष्णन समिति की करीब 70 प्रतिशत सिफारिशों को वह अमल में ला चुके है।
संसदीय समिति में पेपर लीक मुद्दे पर हंगामा
बैठक में इस दौरान एनटीए को सुझाव भी दिया गया कि प्रश्न पत्र के दस सेट बनवाए जाएं। और उन्हें मिक्स करके अलग-अलग राज्यों में भेजा जाए। इससे यदि पेपर लीक भी होगा तो वह सिर्फ एक राज्य तक ही सीमित होगा। बाकी राज्य इससे प्रभावित नहीं होंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति की इस बैठक में लोकसभा व राज्यसभा के करीब 15 सांसद पहुंचे थे। इनमें भाजपा, कांग्रेस, सपा के सांसद शामिल थे। वहीं शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी सहित एनटीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।