भिलाई। हाउसिंग बोर्ड, कैलाश नगर निवासी एवं नेशनल प्लेयर अमित सिंह ने अपना जन्मदिन बेहद सादगी और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया। जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके बीच खुशियां साझा कीं।
इसके साथ ही धरती इंटरनेशनल फाउंडेशन में गुप्त रूप से दान देकर जरूरतमंदों की सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
अमित सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उनके मित्रों और समर्थकों द्वारा विभिन्न शहरों में भंडारे का आयोजन कराया गया।
इसके अलावा कई स्थानों पर अनाथ आश्रमों और गरीब बच्चों के बीच भी भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर जन्मदिन मनाने का आग्रह किया गया। अमित सिंह ने इस पहल को जन्मदिन को समाजसेवा से जोड़ने का सार्थक प्रयास बताया।
जन्मदिन पर अमित सिंह को शुभकामनाएं देने के लिए वीआईपी से लेकर आम नागरिकों तक बड़ी संख्या में लोगों का तांता लगा रहा। उन्हें बधाई देने वालों में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, गृह मंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, भिलाई सांसद विजय बघेल, पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व पुलिस अधीक्षक विश्वास चंद्राकर, भाजपा नेत्री दिव्या रतन भसीन, जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी, धरती इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं कवि निषाद राजपूत, टीवी अभिनेता सनी, एनडीटीवी स्पोर्ट्स एंकर संजय किशन, आईपीएस अधिकारी मनीष शर्मा, रायपुर एसपी संजीव शुक्ला, विधायक ईश्वर साहू, फिल्म निर्देशक कपिल पुरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, न्यूज ऑफ इंडिया के चीफ एडिटर जगबहन यादव, सिंगर ममता चौधरी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रवक्ता आदित्य भगत सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
इसके अलावा भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के कोच ज्वाला सिंह तथा मीडिया और खेल जगत से जुड़े कई लोगों ने भी अमित सिंह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
अमित सिंह के दोस्तों और शुभचिंतकों का कहना है कि इस बार जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित रखने के बजाय समाज के जरूरतमंद वर्ग के साथ खुशियां बांटने का निर्णय लिया गया। इसी उद्देश्य से अलग-अलग शहरों में भंडारे, अनाथ आश्रमों में कार्यक्रम और गरीब बच्चों के बीच सेवा गतिविधियां आयोजित की गईं।
अमित सिंह का यह जन्मदिन समारोह इस संदेश के साथ खास रहा कि खुशियां तब और भी meaningful हो जाती हैं, जब उन्हें समाज के उन लोगों के साथ साझा किया जाए जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।