भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सोमवार को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अस्पताल के हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक्स) में पहली बार अत्याधुनिक ‘अल्ट्रासोनिक गाइडेड सर्जरी’ सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया है।
दो टांकों में जटिल सर्जरी
इस नई तकनीक की मदद से अब शरीर में महज दो छोटे छेद और केवल दो टांके लगाकर जटिल से जटिल हड्डियों का इलाज संभव होगा। तकनीक के पहले ही दिन अत्याधुनिक सीआर (C-Arm) मशीन और कैमरे की निगरानी में तातारपुर निवासी एक युवक की सफल सर्जरी की गई।
मरीजों को मिलेगी राहत
इस नई तकनीक के शुरू होने से अब मरीजों को बड़े चीरे वाली पारंपरिक ओपन सर्जरी के दर्द से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।छोटे छेद से सर्जरी होने के कारण शरीर में घाव बहुत जल्दी भरते हैं और अस्पताल जनित संक्रमण की आशंका न के बराबर रहती है।
एक-दो दिन में छुट्टी
ओपन सर्जरी के बाद जहां मरीज को ठीक होने में हफ्तों लगते थे, वहीं इस विधि से मरीज को एक से दो दिन में छुट्टी मिल जाएगी। इस अत्याधुनिक सेवा का औपचारिक शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद और मॉडल सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू ने संयुक्त रूप से किया।
सीएस ने बताए फायदे
सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने बताया कि पहले हड्डी की सर्जरी के बाद मरीज को कम से कम 7 से 10 दिनों तक भर्ती रखना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब अल्ट्रासोनिक गाइडेड तकनीक से मरीज जल्द स्वस्थ होकर घर लौट सकेंगे, जिससे उनके परिजनों का खर्च और परेशानी दोनों काफी कम होंगे।
कैमरे से होगी निगरानी
अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू ने सर्जरी की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि आधुनिक सीआर मशीन में लगे कैमरे से टूटी हड्डी को स्क्रीन पर देखा जाता है। स्क्रीन पर देखने के बाद टूटे हिस्से के पास एक बारीक छेद किया जाता है और उसी रास्ते विशेष तार डालकर हड्डी को मजबूती से स्थिर किया जाता है।
दर्द रहित होगी पूरी प्रक्रिया
डॉक्टरों की टीम पूरी प्रक्रिया के दौरान हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे की मदद से निरंतर निगरानी करती है, जिससे किसी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं रहती। उन्होंने आगे बताया कि यह पूरी सर्जरी मरीज को एनेस्थीसिया (बेहोशी) देकर की जाती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान मरीज को किसी तरह की पीड़ा नहीं होती।
जल्द ठीक होंगे मरीज
चूंकि शरीर में चीरे के बजाय केवल दो छोटे छेद किए जाते हैं, इसलिए मरीज का शरीर तेजी से रिकवर करता है और वह सामान्य जीवन में लौट पाता है। सदर अस्पताल में आयोजित इस पहली अल्ट्रासोनिक गाइडेड सर्जरी को अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू के कुशल नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टर रहे शामिल
ऑपरेशन थियेटर की इस विशेषज्ञ टीम में वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. अभिमन्यु सिंह और डॉ. विकास चंद्र मुस्तैद रहे। डॉक्टरों के साथ-साथ दक्ष नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों ने भी इस जटिल और आधुनिक सर्जरी प्रक्रिया को पूरा कराने में अहम योगदान दिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी छलांग
अस्पताल प्रशासन और शहर के गणमान्य लोगों ने इस नई सेवा की शुरुआत को भागलपुर सदर अस्पताल की चिकित्सा यात्रा में एक बड़ी छलांग करार दिया।