मारकंडा में 15000 क्यूसेक पानी का लेवल पार करने के बाद इसके आसपास के गांव कलसाना, कठुआ और टंगौर में घुस गया है। गलियां जलमग्न हो गई हैं और पानी खेतों में भी पहुंच गया है, जिससे किसानों की फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।
हर साल मारकंडा में 1500 क्यूसेक पर पानी का लेवल पहुंचने के बाद इन गांव पर खतरा मंडराने लगता है। इस बार मानसून की पहली बरसात के बाद ही यह खतरा पैदा हो गया है।
शनिवार को कठुआ, टंगौर और कलसाना गांव की गलियों में डेढ़ से 2 फीट तक पानी भर गया है, थिस कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है पानी घरों में भी घुस गया है और लोग घरों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी मारकंडा के पानी ने क्षेत्र के लगभग 10 गांव में इसी तरह कहर बरपाया था। किसानों की सैकड़ो एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। यह मामला विधानसभा में शाहबाद से कांग्रेस के विधायक रामकरण काला ने प्रमुखता से उठाया था।