एक बार फिर हिंसा की चपेट में मणिपुर, गोलीबारी में दो लोगों की मौत, कई घर जले…

संदिग्ध उग्रवादियों ने मणिपुर के कामजोंग जिले में एक गांव में दो व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी।

उग्रवादियों ने कई घरों में आगजनी भी की। कांगपोकपी जिले में नगा समुदाय के छह लोगों के क्षत-विक्षत शव बरामद होने के एक दिन बाद यह हमला हुआ है।

आशंका है कि शव उन लोगों के हैं जिन्हें 13 मई को सशस्त्र समूहों ने बंधक बना लिया था। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने गुरुवार को कहा कि मणिपुर सरकार अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। दोषियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।

30 घरों को भी आग के हवाले किया गया

पुलिस ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा के पास कामजोंग जिले के कुलतुह कुकी गांव में तड़के करीब 4:55 बजे उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस गोलीबारी में दो ग्रामीणों की मौत हो गई। 30 घरों को भी आग के हवाले किया गया।

कुकी बैपटिस्ट कन्वेंशन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की अपील की है।

लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने नगा समुदाय के छह लोगों के शव मिलने के मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें बिना किसी देरी के सजा दिलाई जानी चाहिए।

आईएएनएस के अनुसार शव मिलने को लेकर यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनएसी) द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के बंद के कारण गुरुवार को मणिपुर के नागा-बहुल इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

उखरुल जिले में हथियार, गोला-बारूद बरामद

पुलिस ने कहा कि उखरुल जिले में हथियार, गोला-बारूद बरामद बरामद किया गया है। खुफिया जानकारी मिली थी कि हथियारबंद लोग पहाड़ी ज़िलों के दूर-दराज़ गांवों पर हमले की साजिश रच रहे थे।

इसके बाद सुरक्षा बलों ने उखरुल जिले में संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान पहाड़ियों की चोटी पर लगभग दर्जन हथियारबंद लोग दिखे।

उनमें से कुछ भाग गए, लेकिन आठ लोगों को हिरासत में लिया गया, उनके हथियार जब्त किए गए और बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पहाड़ी की चोटी पर बने अनधिकृत बंकरों से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद बरामद किए गए।

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