वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव पलट गई, इस हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई। मृतकों में 10 पर्यटक तमिलनाडु के थे।
मृतकों में गुम्मिडीपूंडी के बाबू कुप्पुसामी (52) और माधवराम के संतोष कुमार (47) शामिल थे, यह दोनों मोबाइल फोन डिस्ट्रीब्यूटर थे और सेल्स टारगेट पूरा करने पर उन्हें इनाम के तौर पर वियतनाम की यह यात्रा मिली थी।
रविवार को जहां इन दोनों को चेन्नई वापस लौटना था, वहीं अब दोनों परिवारों के लोग शवों की घर वापसी (स्वदेश वापसी) का इंतजार कर रहे हैं।
गुम्मिडीपूंडी के बाबू कुप्पुसामी का 21 वर्षीय बेटा जशवंत, जिसे पिता से मिलने के बाद नोएडा लौटना था, वह अब आधार की कॉपी और शव को वापस लाने के लिए जरूरी अन्य कागजात जुटाने में लगा हुआ था।
शल लाने में देरी से बढ़ रही परेशानी
जशवंत ने बताया कि मेरी मां और बहन इस दुखद घटना को स्वीकार करने की कोशिश कर रहे हैं। हम खुद संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शव को वापस लाने में हो रही देरी से मुश्किल बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, बाबू के फैमिली में उनकी पत्नी रेवती, बेटा जशवंत और बेटी नेहा है। परिवार को इस घटना की जानकारी सबसे पहले न्यूज चैनल से चली। जशवंत ने बताया कि मेरे दादा-दादी बुज़ुर्ग हैं। हमने उन्हें अभी तक कुछ नहीं बताया है।
यात्रा पर नहीं जाना चाहते थे बाबू
बाबू के भतीजे शैलेश ने बताया कि उनकी यह यात्रा लगभग कैंसिल थी। वह असल में इस यात्रा पर नहीं जाना चाहते थे, लेकिन दोस्तों के जोर देने पर वियतनाम की यात्रा का प्लना बनाया। वह कभी यात्राओं पर नहीं जाते थे, अब तक सिर्फ 10 वर्ष पहले थाईलैंड की यात्रा पर गए थे।
संतोष की पत्नी को नहीं बताई गई है मौत की बात
उधर माधववरम में संतोष का परिवार उनकी पत्नी सुनीता देवी से सच छिपा रहा था, क्योंकि उन्हें डर था कि सदमे से उनका हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। संतोष की फैमिली में उनकी पत्नी, 21 साल का बेटा यश और 20 साल की बेटी वर्षा हैं।
संतोष के भाई आनंद एस. ने कहा, “हमने उन्हें बताया है कि वह ICU में हैं। हमारे एक रिश्तेदार ने सोशल मीडिया पर शोक का स्टेटस डाल दिया था। हमें डर था कि कहीं वह इसे देख न लें, इसलिए हमने तुरंत उनसे उसे हटाने को कहा।”