कोरबा : तेंदूभाठा एनीकट – जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, सुगम आवागमन व आर्थिक सशक्तिकरण का बना सशक्त माध्यम…

2.45 करोड़ की लागत से निर्मित तेंदूभाठा एनीकट, किसानों को मिला सिंचाई का स्थायी आधार
जल संरक्षण से कृषि को मिलेगी नई गति, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
तेंदूभाठा एनीकट से बढ़ी सिंचाई सुविधा, किसानों को मिलेगा दोहरी फसल लेने का लाभ

किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए जल उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण आधार है। पर्याप्त सिंचाई सुविधा के अभाव में जहां खेती की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं, वहीं जल संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आती है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा तेंदुभाठा एनीकट का निर्माण किया गया, जो आज क्षेत्र के किसानों के लिए विकास और खुशहाली का नया माध्यम बन रहा है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा विस्तार तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।

पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत धौराभांठा में 2 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस एनिकट से तेंदूभाठा सहित आस पास के गांव लाभांवित होंगे। तेंदूभाठा एवं आसपास के क्षेत्र में अधिकांश ग्रामीण कृषि पर निर्भर हैं।इनके जीविकोपार्जन का मुख्य स्रोत कृषि कार्य ही है। पहले जलसंग्रहण की सुविधा नही होने से  बरसात का बड़ी मात्रा में पानी बहकर निकल जाता था, जिससे सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं हो पाता था। इस कारण किसानों को सीमित खेती करनी पड़ती थी तथा कई बार खरीफ के बाद रबी की फसल लेना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था।
तेंदूभाठा एनीकट के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण और संचयन सुनिश्चित हुआ है। परियोजना से लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विस्तृत होगी, जिससे किसानों को फसलों के लिए लंबे समय तक जल उपलब्ध होगा। खेतों तक सिंचाई के लिये पानी की पहुंच बढ़ने से खेती का रकबा बढ़ेगा और किसानों को एक फसल के स्थान पर दोहरी फसल लेने के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं।

एनीकट से जल संचयन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ भू-जल स्तर में भी सुधार बढ़ेगी। इससे आसपास के कुओं एवं अन्य जल स्रोतों में जल उपलब्धता में भी वृद्धि होगी, जिसका लाभ आने वाले समय मे सीधे ग्रामीणों व किसानों को मिलेगा। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावनाएं मजबूत हुई हैं तथा किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

तेंदूभाठा एनीकट का लाभ केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। यह एनीकट ग्राम तेंदूभाठा और रंगोले के बीच संपर्क का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही अधिक सुगम हुई है। यह परियोजना जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, ग्रामीण संपर्क और आर्थिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बना  है।

तेंदूभाठा एनीकट किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की आधारशिला है। विभाग की इस पहल से सिंचित रकबे में वृद्धि, दोहरी फसल उत्पादन, कृषि विकास और किसानों की आय में बढ़ोतरी के माध्यम से क्षेत्र को सतत विकास को नई दिशा प्रदान कर रही है।
तेंदूभाठा के किसान श्री कृति कुमार ने बताया कि तेंदूभाठा एनीकट के निर्माण से क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा । पहले पानी की कमी के कारण खेती सीमित रह जाती थी, लेकिन अब एनिकट बन जाने से खरीफ के बाद रबी फसल के लिए खेतों में समय पर पानी मिलेगा। जिससे दोहरी फसल लेना संभव होगा। इससे फसल उत्पादन  के साथ ही आय में भी वृद्धि होगी।  

ग्राम रंगोले के किसान सुपेत राम  ने कहा कि तेंदूभाठा एनीकट क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। वर्षभर जल उपलब्धता बेहतर होने से खेती की संभावनाएं बढ़ेगी और किसान अब रबी फसल भी ले पाएंगे। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगा। ग्रामीणों ने किसानों के हित में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन  को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह परियोजना ग्रामीण विकास और कृषि समृद्धि की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

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