पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस समय अपने सबसे बड़े सियासी संकट से गुजर रही है। ऐसे में पार्टी के अंदर मचे इस बगावती घमासान के बीच टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा आरोप लगाया है।
कीर्ति आजाद का कहना है कि बीजेपी ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए टीएमसी को तोड़ने और सांसदों को अपनी तरफ मिलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनकी यह साजिश अब तक नाकाम रही है।
बीजेपी नेताओं के घर जुट रहे बागी सांसद
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे पार्टी को कमजोर करने की एक संगठित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह की देखरेख में ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया जा रहा है।
सबूत का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि टीएमसी से इस्तीफा देने वाले राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक दिल्ली में बीजेपी नेता निशिकांत दुबे के घर के बाहर मीडिया से बात करते दिखे। इसके अलावा, टीएमसी के कुछ नाराज सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर बैठक कर रहे हैं और बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी सीधे टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के घर पहुंच रहे हैं।
सुरक्षा हटाने पर कीर्ति आजाद बोले- ‘मैं डरने वाला नहीं’
इसके अलावा कीर्ति आजाद ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए उनकी सुरक्षा हटाई जा रही है। इस पर उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि क्या आपको लगता है कि हम डरने वाले लोग हैं? अगर हम राजनीति में संघर्ष करने आए हैं, तो लड़ेंगे। मैं एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी रहा हूं, मेरी अपनी पहचान है। कीर्ति आजाद डरने वालों में से नहीं है।
19 सांसदों के दस्तखत वाली लिस्ट से कैसे मचा हड़कंप?
बता दें कि पार्टी के अंदर मची इस खलबली के बीच इंटरनेट पर एक कागज वायरल हो रहा है, जिसमें टीएमसी के 19 लोकसभा सांसदों के नाम और उनके दस्तखत मौजूद हैं। हालांकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेजी जाने वाली मुख्य चिट्ठी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन बागी नेताओं का दावा है कि उनके पास 20 से ज्यादा लोकसभा सांसदों का समर्थन है। इस लिस्ट में यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय, सयानी घोष और दीपक अधिकारी (देव) जैसे कई बड़े और मशहूर नाम शामिल हैं।
एक हफ्ते में तीन बड़े इस्तीफे
दूसरी ओर टीएमसी के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने पार्टी और संसद दोनों से इस्तीफा दे दिया। इस हफ्ते इस्तीफा देने वाले वे तीसरे बड़े नेता हैं। उनसे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खुली बगावत
इस संकट ने पार्टी के अंदरूनी झगड़े को भी सरेआम कर दिया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (ममता बनर्जी के भतीजे) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वे पार्टी में सिर्फ तभी रहेंगे जब अभिषेक बनर्जी को नेतृत्व के सभी पदों से हटा दिया जाएगा।
इस बयान पर कीर्ति आजाद ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि कल्याण बनर्जी थोड़े भावुक हो गए हैं, लेकिन वे ममता बनर्जी के वफादार हैं। उन्होंने बुरे वक्त में दीदी का साथ दिया है, इसलिए वे कभी पीठ में छुरा नहीं घोंपेंगे।
ममता के साथ खड़े रहे कई दिग्गज नेता
गौर करने वाली बात है कि भले ही पार्टी में बगावत तेज है, लेकिन सौगत राय, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और बाबुल सुप्रियो जैसे कई दिग्गज सांसदों ने साफ कर दिया है कि वे किसी बागी गुट का हिस्सा नहीं हैं और मजबूती से ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं।