बोगस फर्म बनाकर 10.13 करोड़ इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का लाभ लेने के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। वह दिल्ली का रहने वाला है।
उपायुक्त राज्य कर कार्यालय में शहजादपुर स्थित राम जानकी मंदिर के पते पर अंसारी ट्रेडर्स नाम से फर्म पंजीकृत है। इसके मालिक कुशीनगर के 275-कोहरवालिया के निजामुद्दीन अंसारी हैं।
व्यापारी ने बिना वास्तविक खरीद/बिक्री के गत वर्ष जुलाई में दो करोड़ चार लाख 99 हजार 180 रुपये की बिक्री दर्शाते हुए 18 लाख 44 हजार 926 रुपये जीएसटी। अगस्त में तीन करोड़ 34 लाख 97 हजार 789 रुपये बिक्री दर्शाते हुए 30 लाख 14 हजार 801 रुपये जीएसटी बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हस्तांतरित की। फर्म के पंजीयन में लगाया गया किरायानामा कूटरचित पाया गया है।
जांच में उक्त फर्म अस्तित्व में नहीं पाई गई। गत वर्ष सितंबर में फर्म को सस्पेंड कर दिया गया था। आनलाइन पंजीयन प्रार्थना पत्र पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो पाया था। नियमों का उल्लंघन कर आइटीसी हस्तांतरित की गई है।
जांच में राजस्व क्षति पहुंचाने की मंशा से पंजीयन कराया जाना पाया गया था। राज्यकर अधिकारी विनोद कुमार ने फर्म के खिलाफ गत वर्ष मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में अब तक फर्जी तरीके से 10.13 करोड़ रुपये आइटीसी का लाभ लेना पाया गया है।
मामले में उसने दिल्ली के बलजीत नगर के पंजाबी बस्ती के विनोद कुमार को गिरफ्तार किया है। कोतवाल श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। इसने अंसारी ट्रेडर्स से सामान की खरीद दिखाकर अनुचित लाभ लिया था। पूछताछ के बाद चालान कर दिया गया।