कोविड में PPE किट घोटाले से खरीदी पोर्श और रोलेक्स, ब्रिटेन में भारतीय मूल के पति-पत्नी दोषी करार…

 UK में भारतीय मूल के एक कपल ने COVID महामारी के दौरान पर्सनल प्रोटेक्टिक इक्विपमेंट (PPE) देने के झूठे दावों का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी तरीके से फंड लॉन्ड्रिंग करने का दोषी पाया गया है। जोगेश भंडारी (59) और मीनाक्षी भंडारी (58) को धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में दोषी ठहराया गया है।

उनके सहयोगी 43 साल के क्रेग मॉरिस को भी 2020 और 2021 के कपल की कंपनी की ओर से कई धोखाधड़ी वाले सौदों में शामिल होने का दोषी पाया गया है। तीनों को 21 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।

UK की नेशनल क्राइम एजेंसी NCA के ऑपरेशन्स मैनेजर पॉल बोनिफेस ने कहा, COVID-19 महामारी दुनिया के लिए अनिश्चितता का समय था, और PPE इक्विपमेंट की जरूरत अचानक बढ़ गई थी। इससे भंडारी और मॉरिस जैसे धोखेबाजों को बिजनेस को टारगेट करने और अपनी जेबें भरने का मौका मिला।

NCA के मुताबिक, भंडारी 2020 में महामारी के दौरान नाइट्राइल ग्लव्स खरीदने और बेचने के लिए बनाई गई एक कंपनी का मालिक था। उसने संभावित सप्लायर्स को 125 मिलियन डॉलर तक के नकली बैंक स्टेटमेंट और अटेस्टेशन लेटर दिए ताकि बिज़नेस को उसके साथ ट्रेड करने के लिए मनाया जा सके।

एजेंसी ने बताया कि भंडारी की पहली धोखाधड़ी नवंबर 2020 में शुरू हुई, जब वह 12 मिलियन बॉक्स ग्लव्स देने की डील पर सहमत हुआ। कंपनी ने एस्क्रो अकाउंट में पेमेंट किया, लेकिन पैसे डील पूरी होने तक न रखकर तुरंत भंडारी और अन्य कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए गए।

एक महीने बाद दूसरी डील में भंडारी को अकाउंट में 2.7 मिलियन डॉलर मिले, जिसमें से लगभग 500,000 डॉलर उसने और अपनी पत्नी के कर्ज चुकाने के लिए निकाले। 2021 की शुरुआत में US के अस्पतालों में डिलीवर किए जाने वाले नाइट्राइल ग्लव्स के ऑर्डर के लिए 3.18 मिलियन डॉलर का पेमेंट लिया गया, जो कभी डिलीवर नहीं हुए। आखिरी बड़ा फ्रॉड 2021 के अंत में हुआ।

भंडारी ने एक सप्लायर को यकीन दिलाया कि वह PPE इंडस्ट्री में बड़ा प्लेयर है। 1.8 बिलियन डॉलर की डील के लिए कंपनी मान गई और पहले दो शिपमेंट के लिए 1.35 मिलियन डॉलर का पेमेंट किया। यह रकम सीधे मीना भंडारी के कंट्रोल वाले बिजनेस अकाउंट में गई।

NCA की जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि इस पैसे का इस्तेमाल रोलेक्स और अन्य लग्जरी घड़ियों, ज्वेलरी, हॉलिडे पैकेज और कारें खरीदने में किया गया। भंडारी ने एक नई पोर्श पर 126,000 यूरो खर्च किए। इसके अलावा ऑडी A5, लैंड रोवर डिस्कवरी और VW गोल्फ जैसी कारें, किचन रिनोवेशन और घर में बड़े सुधार भी इसी पैसे से किए गए।

बोनिफेस ने कहा, इस तरह की धोखाधड़ी जरूरी सामान को असली ऑर्गनाइज़ेशन से दूर कर देती है। NCA ऐसे धोखेबाजों को टारगेट करता रहेगा जो UK की इकॉनमी को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं।

इस स्कैम के सिलसिले में US असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल फ्रैंक लैब्रुजो को, जिन्होंने नकली एस्क्रो सर्विस दी थी, पहले ही US में दोषी ठहराए जा चुके हैं।

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