भारतीय मूल के सुहास सुब्रमण्यम ने अमेरिका में फिर से अपना जलवा दिखा दिया है। डेमोक्रेट सुहास सुब्रमण्यम ने 2026 के मध्यावधि चुनावों में जीत हासिल की है।
सुहास ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) के लिए फिर से जीत हासिल की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव टी. बेकविथ को हराया है।
जीत का अंतर रहा ज्यादा
सुहास सुब्रमण्यम को चुनाव में मिले वोट का अंतर उनके विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार से काफी ज्यादा रहा। सुहास को 63.16 फीसदी वोट मिले वहीं डेव डी बेकविथ को मात्र 34.66 फीसदी मिले। वोटों की बात की जाए तो सुहास को 1,73,106 वोट मिले, जबकि बेकविथ को 94,990 वोट ही मिले पाए जिससे वो चुनाव में पिछड़ गए।
वहीं निर्दलीय उम्मीदवार अहसन मुजीब मलिक 1.99 फीसदी के साथ 5,444 वोट मिले। अहसन चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे। बाकी 0.19% वोट ‘राइट-इन’ उम्मीदवारों को मिले।
क्यों अहम है सुहास की जीत
मध्यावधि चुनाव में सुहास की जीत इसलिए अहम है क्योंकि अमेरिका में बढ़ती नफरत और भेदभाव के बीच उनकी आवाज ज्यादा मायने रखती है। हाल ही में सुब्रमण्यम ने भारतीय-अमेरिकियों से मध्यावधि चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की थी।
लोगों से आवाज बुलंद करने की अपील
मंगलवार को वर्जीनिया के मनासास में एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य में रिकॉर्ड मतदान हो रहा है। उन्होंने डेमोक्रेट्स की जीत को लेकर भरोसा जताया।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वो बाहर आएं और वोट दें। अपनी आवाज़ उठाएं। आपका वोट पहले से कहीं ज़्यादा मायने रखता है, खासकर ऐसे समय में जब हम अपने समुदाय और अपने देश में नफरत का रिकॉर्ड स्तर देख रहे हैं।
ऐसा रहा है सफर
सुब्रमण्यम 2019 में वर्जीनिया हाउस ऑफ डेलीगेट्स के लिए चुने गए थे। इसके बाद में 2023 से 2024 तक स्टेट सीनेट में लोगों की आवाज बने। 2024 में वे अमेरिकी हाउस (US House) में पहुंचे, जहां उन्होंने रिटायर हो रहीं डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि जेनिफर वेक्सटन की जगह ली। सुहास की मां बेंगलुरु से हैं, जबकि उनके पिता चेन्नई और सिकंदराबाद में पले-बढ़े हैं।