त्रिपुरा के दुधु मिया ने इस साल अपनी बेटी के साथ 12वीं की परीक्षा पास की है।
वह मैट्रिक पास होकर सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। लेकिन मार्च 2020 में उनकी नौकरी चली गई। तब उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई जारी रखने के लिए छोटा व्यवसाय शुरू किया और अब खुद भी उसके साथ 12वीं की परीक्षा पास कर ली।
दरअसल दुधु ने हाई स्कूल बोर्ड की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह सरकारी स्कूल में शिक्षक बन गए। लेकिन 2014 में स्कूल शिक्षकों के चयन प्रक्रिया से जुड़े एक विवाद के कारण वे जांच के दायरे में आ गए।
बाद ने हाई कोर्ट के आदेश पर पूरे ग्रामीण त्रिपुरा में लगभग 10,000 भर्तियों की जांच के बाद दुधु को नौकरी गंवानी पड़ी।
मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
बेटी की पढ़ाई बीच में न छूट जाए, इसलिए उन्होंने एक दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम किया और एक छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू किया।
जब उनकी बेटी 12वीं में पहुंची तो दुधु ने भी बेटी के कहने पर परीक्षा फॉर्म भर दिया। सिपाहीजाला ज़िले के जम्पुईजाला शहर में स्थित प्रमोद नगर हायर सेकेंडरी स्कूल में दोनों ने साथ परीक्षा दी। परिणाम घोषित होने पर दोनों सफल हुए।
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उनकी बेटी रुमा ने बताया कि पढ़ाई-लिखाई में मेरे पिता की हमेशा से ही गहरी रुचि रही है। हम एक साथ ही एक जैसे विषयों की पढ़ाई करते थे, और जब भी मुझे किसी मदद की ज़रूरत होती थी, तो वे शिक्षक की भूमिका निभाते थे। दुधु ने कहा कि अब वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे।