तमिलनाडु की एक विशेष अदालत ने पांच नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के दोषी को शुक्रवार को मौत की सजा सुनाई।
शिवगंगा पीओसीएसओ (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने इस कृत्य को दुर्लभतम अपराध बताया।
दोषी की पहचान चंद्रन के रूप में हुई है। उसे 11 हजार रुपये का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया है। जज ने राज्य सरकार को पांचों पीड़ितों में से प्रत्येक को सात लाख रुपये उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बहला-फुसलाकर बच्चियों को बनाता था शिकार
अभियोजन पक्ष के अनुसार, ये अपराध चार फरवरी, 2024 से एक सप्ताह की अवधि में हुए। चंद्रन ने बच्चियों को उस समय अपने घर में बहला फुसलाकर बुलाया जब वे खेल रही थीं। उस समय चंद्रन की पत्नी अपनी बेटी के प्रसव में सहायता करने के लिए घर से बाहर थी।
चंद्रन ने बच्चियों को अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाकर उनका यौन उत्पीड़न किया।
यह मामला तब सामने आया जब एक पीडि़ता ने अपनी मां को बताया, जिसने फिर अपने पति को सूचित किया। लड़की के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने चंद्रन को गिरफ्तार कर लिया।