भारतीय संग्रहालय और ब्रेनवेयर विश्वविद्यालय ने भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह करार सोमवार, 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 के अवसर पर कोलकाता स्थित भारतीय संग्रहालय में आयोजित विशेष प्रदर्शनी “नमामि भारतम्: अनेक रूप, एक सत्य” के उद्घाटन सत्र में हुआ।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस करार के तहत आगामी पांच वर्षों के इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, विरासत, संग्रहालय अध्ययन और ज्ञान परंपराओं पर शोध, डिजिटल नवाचार और जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।
समझौते के तहत ब्रेनवेयर विश्वविद्यालय अकादमी आफ भारतीय हेरिटेज, इंटरप्रिटेशन, रिसर्च एंड एडवांसमेंट (एबीएचआइआरए)” की स्थापना करेगा, जो भारतीय विरासत और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के शोध एवं संरक्षण का उत्कृष्टता केंद्र बनेगा।
इस एमओयू पर ब्रेनवेयर विश्वविद्यालय की तरफ से कुलाधिपति फाल्गुनी मुखोपाध्याय ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में विधायक अरिजीत बक्शी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में एआइ आधारित वृत्तचित्र बेक टू द पास्ट का भी अनावरण किया गया, जिसने आधुनिक तकनीक के जरिए इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। भारतीय संग्रहालय के निदेशक सायन भट्टाचार्य ने इसे “इतिहास और संग्रहालयों की दुनिया में पुनर्जागरण” बताया।
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों को इंटर्नशिप, डिजिटल संग्रहालय अनुभव, संयुक्त शोध परियोजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। साथ ही बच्चों के लिए इतिहास को अधिक रोचक और इंटरैक्टिव बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।