प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद राजस्थान सरकार ने वित्तीय अनुशासन और ईंधन की बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
राज्य के वित्त विभाग ने एक सख्त परिपत्र जारी करते हुए मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
इसके साथ ही सरकारी विभागों में फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन की खपत कम करने के लिए नए दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) जारी किए गए हैं।
मंत्रियों और अफसरों के विदेश दौरों पर ब्रेक
- लगातार रोक: राज्य सरकार के खर्च पर होने वाली सभी विदेशी यात्राओं को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- सख्ती से पालन: मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों (IAS/IPS) और अन्य कर्मचारियों पर यह नियम समान रूप से लागू होगा।
ईंधन बचत और खर्च में कटौती के नए नियम
ईंधन का कोटा तय: सभी सरकारी वाहनों के लिए पेट्रोल और डीजल की मासिक सीमा (लिमिट) तय की जाएगी।
सख्ती से मॉनिटरिंग: हर विभाग को अपने वाहनों के ईंधन खर्च का रिकॉर्ड रखना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी विभागों को कड़े आदेश
सरकार ने साफ किया है कि इन नियमों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने कार्यालयों में इन वित्तीय सुधारों और ईंधन बचत के नियमों को सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।