रविवार को देश के कई राज्य बाढ़ और भूस्खलन से बेहाल रहे। भारी बारिश की वजह से असम, केरल, छत्तीसगढ़ और गुजरात में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई लोगों की जान गई है।
असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 85 तक पहुंच गई है। शिवसागर जिले में तीन और लोगों की जान चली गई।
केरलम में भी भारी बारिश की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई जबकि इतने ही लापता हैं। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बाढ़ के चलते दो लड़कियों की जान चली गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपत्ति का काफी नुकसान है और लाखों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। जगह-जगह जलभराव से लाखों लोग बेघर हो गए हैं।
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्यों में जुटी हैं। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में भारी बारिश और अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, असम के पांच जिले शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, चराईदेव और घेमाजी बाढ़ से सर्वाधिक ग्रस्त जिले हैं। कुल 349 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि अब तक 85 लोगों की जान जा चुकी है। 1.80 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित लोग शिवसागर में
शिवसागर में सबसे अधिक 55,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को मामूली सुधार हुआ। प्रशासन ने पांच जिलों में 54 राहत शिविर केंद्र बनाए हैं और इसमें 13,771 लोग शरण लिए हुए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत और पुनर्वास प्रयासों की समीक्षा की।
केरलम में आठ लोगों की मौत
केरलम में भारी बारिश से आठ लोगों की मौत हो गई है जबकि इतने ही लोग लापता हैं। 13 लोग घायल भी हुए हैं। मूसलधार बारिश के चलते कुछ जगह भूस्खलन भी हुआ और जगह-जगह जलभराव हो गया। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने रविवार को कहा कि पिछले दिन हुई भारी बारिश में 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
5,792 लोगों को राज्यभर में बनाए गए 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि बीते रोज की तुलना में बारिश में कमी आई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में।
राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार ने बताया कि वह तथा अन्य मंत्री प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। केरलम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के अनुसार, शनिवार को राज्य के कुछ क्षेत्रों में 320 मिमी तक बारिश हुई। कन्नूर जिले के अय्यंकुन्नु क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश हुई। इस बीच आइएमडी ने राज्य के 12 जिलों में आरेंज अलर्ट तथा तिरुअनंतपुरम और कोल्लम जिलें में येलो अलर्ट जारी किया है।
छत्तीसगढ़ में हालात अभी भी गंभीर
एएनआई के अनुसार, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। अबूझमाड़ क्षेत्र में 16 घर बह गए जबकि 50 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा और दो लड़कियों की जान चली गई। उधर अहमदाबाद से प्रेट्र के मुताबिक, गुजरात के कई हिस्सों में रविवार को मध्यम दर्ज की बारिश हुई।
राजकोट में सुबह छह से दो बजे तक 62 एमएम बारिश हुई। हाल की भारी बारिश के कारण गुजरात में औसतन 623.29 एमएम वर्षा हुई है जोकि कुल मौसमी वर्षा का लगभग 68.58 प्रतिशत है।