सीबीएसई की ओएसएम मूल्यांकन प्रक्रिया पर छात्रों की ओर से खड़े किए जा रहे सवालों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि जो अव्यवस्था हुई है, उसके लिए वह सरकार की ओर से जिम्मेदारी लेते हैं।
साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हताश हैं और तकनीकी विकास के खिलाफ हैं।
वहीं, कांग्रेस राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह चाहें मुझ पर कितना भी हमला कर लें, लेकिन इससे अपने गुनाहों से वह बच नहीं पाएंगे। उन्होंने आन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) करने वाली कंपनी से साथ संबंधों पर फिर सवाल किए।
प्रधान ने राहुल पर राजनीति का आरोप लगाया
इससे पहले राहुल गांधी के आरोपों पर सीबीएसई ने जवाब देते हुए उनके आरोपों को गलत और तथ्यहीन बताया था। साथ ही कहा था कि आन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रक्रिया के लिए कंपनी का चयन तय नियम व वित्तीय प्रक्रियाओं के तहत हुआ था।
हालांकि राहुल गांधी ने सीबीएसई के इस जवाब को खारिज करते हुए कहा था कि जो उन्होंने पूछा था, उसका जवाब नहीं दिया गया।
गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने इस मामले पर स्थिति साफ कर दी है। मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि यदि इस मामले में कोई गड़बड़ी पाई गई तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार चुनावी हार की वजह से हताश लग रहे हैं। यही वजह है कि वह सुधार या तकनीकी विकास से जुड़े विषय पर विवाद खड़ा कर रहे हैं।
12वीं के परिणाम में गड़बड़ी का आरोप
उन्होंने एसआईआर, ईवीएम और डिजिटल इंडिया का भी विरोध किया था। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े दिखाई नहीं देते। उन्हें कम से कम छात्रों व परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर तो राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा के आए परिणाम में भारी गड़बड़ियां हुई हैं।
इस गड़बड़ी के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच हो व एसआइटी गठित की जानी चाहिए। यह भी आरोप लगाया है कि तेलंगाना की एक संदिग्ध फर्म को सीबीएसई ने बगैर जांचे-परखे यह काम दिया।