हावड़ा से नई दिल्ली जा रही पूर्वा एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद साथी यात्रियों और रेलवे कर्मियों की मदद से ट्रेन के डिब्बे में ही सुरक्षित रूप से एक बच्चे का जन्म हुआ।
घटना मधुपुर स्टेशन के पास पूर्वा एक्सप्रेस में हुई है। महिला फरहा नासहीन अपनी पति अफताब आलम के साथ हावड़ा से जमुई अपने मायके जा रही थी। वह पूर्वा एम्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रही थी। सफर के दौरान जब महिला की तबीयत अचानक बिगड़ी, तो ट्रेन के अन्य यात्रियों ने मिलकर महिला को सुरक्षित रखने के लिए चारों तरफ कपड़ों से घेरा (पर्दा) बना दिया।
इसके बाद कोच अटेंडट ने रेलवे कंट्रोल की सूचना दी। फिर कंट्रोल ने मधुपुर स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दिया कि महिला यात्री को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराया जाएं। स्टेशन मास्टर ने मधुपुर आरपीएफ और जीआरपी को दी।
ट्रेन मधुपुर पहुंचने पर एसएस मधुपुर, आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर उत्पल मंडल, जीआरपी के दिवाकर चौधरी और रेलवे अस्पताल के डॉक्टर सनातन हाजरा, एएनएम मिस सोनम व मेडिकल टीम के साथ पहुंची।
ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही एसी टू बोगी के अंदर स्वास्थ कर्मियों गए। लेकिन महिला का प्रसव चलती ट्रेन में सुरक्षित हो चुका था। मेडिकल टीम ने तुरंत महिला और नवजात शिशु को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराया। आरपीएफ ने बताया कि सफल डिलीवरी के बाद जच्चा (मां) और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
दोनों को इलाज के लिए मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कहा कि जच्चा और बच्चा पुरी तरह सुरक्षित होने के बाद महिला को पति के साथ साथ दूसरे ट्रेन से उनके घर भेजा जाएगा।