देश में सड़क हादसों का भयावह आंकड़ा, हर घंटे 21 लोगों की मौत; ओवरस्पीडिंग सबसे बड़ा कारण…

संसद में गुरुवार को यह बताया गया कि 2025 में देश में वाहनों की तेज गति के कारण 82,124 सड़क हादसे हुए, जो कुल सड़क दुर्घटनाओं का लगभग 16 प्रतिशत है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

गडकरी ने बताया कि गलत दिशा में गाड़ी चलाने और लेन के नियमों का पालन नहीं करने के लिए 4,089 दुर्घटनाएं हुईं। जबकि लाल बत्ती पर निकलने की वजह से 276 और गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन के इस्तेमाल के चलते 136 दुर्घटनाएं हुईं।

हर घंटे 21 लोगों की गई जान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 5.3 प्रतिशत बढ़कर 5.13 लाख से अधिक हो गई, जिसमें हर घंटे 21 लोगों की जान गई। देश में औसतन हर घंटे 59 सड़क दुर्घटनाएं हुईं।

गडकरी ने कहा, ‘2025 के दौरान देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों द्वारा कुल 5,13,563 सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी गई। इनमें 1,83,382 लोगों की जान गई।’

मंत्री ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों ने 2026 के पहले छह महीनों के दौरान देशभर में कुल 2,85,770 सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी है।

मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्यों में तमिलनाडु में सबसे अधिक 71,387 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जबकि 2025 में उत्तर प्रदेश में दुर्घटनाओं में सबसे अधिक 27,550 मौतें हुईं।

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