बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और नवनियुक्त प्राध्यापकों के कौशल विकास (Skill Development) के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है।
राजभवन ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा और पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया में ‘मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र’ स्थापित करने की कवायद तेज कर दी है।
राज्यपाल सह कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर इस संबंध में विस्तृत और व्यापक प्रस्ताव मांगा है।
नए प्रशिक्षण केंद्रों की जरूरत
बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) के माध्यम से हाल ही में करीब 4,600 सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा, आने वाले महीनों में लगभग 9,000 और संकाय पदों पर प्राथमिकता के आधार पर भर्ती होनी है।
इतनी बड़ी संख्या में आ रहे नए शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास, शिक्षण प्रशिक्षण, अनुसंधान अभिविन्यास (Research Orientation) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में पर्याप्त बुनियादी ढांचे की भारी कमी है।
वर्तमान में बिहार में केवल दो ही ऐसे केंद्र संचालित हैं, जो इस बढ़ती जरूरत के मुकाबले काफी कम हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए इन नए केंद्रों की स्थापना की जा रही है।
विश्वविद्यालयों को देनी होंगी ये जानकारियां
राजभवन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में दोनों विश्वविद्यालयों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां स्पष्ट रूप से शामिल करनी होंगी:
- बुनियादी ढांचा: केंद्र की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि, भवन और शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता।
- मौजूदा सुविधाएं: वर्तमान में उपलब्ध शिक्षण, प्रशिक्षण, आईसीटी (ICT) इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमिनार हॉल, कॉन्फ्रेंस हॉल, क्लासरूम, हॉस्टल और लाइब्रेरी की स्थिति।
- संकाय और कार्ययोजना: संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उपलब्ध विशेषज्ञ फैकल्टी, ओरिएंटेशन प्रोग्राम, रिफ्रेशर कोर्स और शॉर्ट-टर्म कोर्सेज आयोजित करने का पूरा खाका।
छह जुलाई तक प्रस्ताव भेजने की समयसीमा
राजभवन ने कुलपतियों को सख्त निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकारी के संकल्प और अनुशंसा के साथ यह प्रस्ताव छह जुलाई 2026 तक सकारात्मक रूप से सचिवालय को उपलब्ध करा दिया जाए।