गुड़हल का पौधा रहेगा फूलों से लदा, बस अपनाएं देखभाल के ये आसान तरीके…

फूलों से लदा गुड़हल का पौधा आपके घर की बालकनी या बगीचे की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल पूजा-पाठ में भी किया जाता है। इसलिए लोग बड़े उत्साह के साथ इसका पौधा लगाते हैं। 

हालांकि, कई बार पूरी देखभाल के बावजूद गुड़हल के पौधे की कलियां झड़ने लगती हैं या फूल आना बंद हो जाते हैं। अगर आपके पौधे के साथ भी यह समस्या हो रही है, तो परेशान न हो। कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स को अपनाकर आप अपने पौधे को फिर से फूलों से भर सकते हैं। आइए जानें कैसे आप अपने गुड़हल के पौधे में फिर से नई जान भर सकते हैं। 

धूप की कमी को दूर करें

गुड़हल एक ट्रॉपिकल पौधा है, जिसे फलने-फूलने के लिए भरपूर धूप की जरूरत होती है। अगर पौधे को सही मात्रा में धूप नहीं मिलती, तो  वह अपनी कलियों को विकसित नहीं कर पाता और वे गिरने लगती हैं। इसलिए अपने गुड़हल के गमले को ऐसी जगह रखें, जहां उसे कम से कम 5-6 घंटे सीधी और अच्छी धूप मिले।

ओवर-वॉटरिंग से बचें

गुड़हल के पौधे को नमी पसंद है, लेकिन गमले में पानी का जमा होना इसकी जड़ों को सड़ा देता है। मिट्टी लगातार गीली रहने से जड़ें ऑक्सीजन नहीं ले पातीं, जिससे कलियां झड़ जाती हैं। वहीं दूसरी ओर, बहुत कम पानी देने से भी पौधा तनाव में आकर कलियां गिरा देता है। इसलिए पौधे में पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी हुई महसूस हो। गमले का ड्रेनेज सिस्टम अच्छा होना चाहिए ताकि एक्स्ट्रा पानी तुरंत बाहर निकल जाए।

पोषण की कमी और सही खाद 

फूल न आने और कलियां झड़ने का एक बड़ा कारण मिट्टी में पोषक तत्वों, खासकर पोटेशियम की कमी होना है। गुड़हल को नियमित पोषण की जरूरत होती है। इसलिए ध्यान रहे कि इस पौधे को ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद न दें, क्योंकि इससे केवल पत्तियां बढ़ती हैं, फूल नहीं। पौधे के लिए पोटेशियम से भरपूर खाद का इस्तेमाल करें। आप महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद के साथ थोड़ा सा रॉक फॉस्फेट या केले के छिलके की सूखी खाद मिला सकते हैं। 

कीटों का हमला

गुड़हल के पौधे पर अक्सर मीलीबग्स और एफिड्स का हमला होता है।इन कीड़ों के कारण पौधे की कलियां कमजोर होकर गिर जाती हैं। इसलिए नियमित रूप से पौधे को चेक करें और एक लीटर पानी में एक चम्मच नीम का तेल मिलाकर स्प्रे करें, ताकि कीड़े पौधे से दूर रहें।  

मौसम और तापमान में बदलाव

तापमान में अचानक आया बदलाव  भी पौधे को शॉक में डाल देता है। इस तनाव के कारण भी पौधा अपनी कलियों को गिरा देता है। गर्मियों में बहुत तेज धूप और लू से बचाने के लिए दोपहर के समय पौधे को थोड़ी ग्रीन नेट की छाया दे सकते हैं। साथ ही, सुबह या शाम के समय पौधे की पत्तियों पर पानी का छिड़काव करें जिससे नमी बनी रहे।

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